लखनऊ, 11 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लोगों से खर्च में कटौती करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव खत्म होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को “संकट” याद आ गया, लेकिन देश के लिए “संकट” सिर्फ एक है और उसका नाम है भाजपा।
अखिलेश ने कहा, “इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़े, तो “पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की जुमले वाली अर्थव्यवस्था” कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह से छूट गई है। अमेरिकी डॉलर आसमान छू रहा है और भारतीय रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से रविवार को लोगों से ईंधन का सोच-समझकर इस्तेमाल करने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राएं कम करने की अपील की थी।
अखिलेश ने कहा, “भाजपाइयों को सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, बल्कि अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए, क्योंकि जनता तो वैसे भी डेढ़ लाख रुपये प्रति तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई से सोना खरीदने में जुटे हुए हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो “लखनऊ से लेकर गोरखपुर” और “अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी” तक पता कर लीजिए।”
सपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अखिलेश ने सवाल किया कि वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं?
उन्होंने कहा, “भाजपाइयों ने चुनाव के दौरान चार्टर विमानों से हजारों हवाई यात्राएं कीं, क्या वे विमान पानी से उड़ रहे थे? क्या भाजपाई होटलों में नहीं ठहर रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही क्यों हैं?”
सपा प्रमुख ने कहा कि इस तरह की अपील से व्यापार जगत और बाजार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी और निराशा फैल जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, डर या अफरातफरी फैलाना नहीं।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा विदेश नीति और गृह नीति दोनों मोर्चों पर विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि यह अपील भाजपा सरकार की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है और “वोट” मिलते ही भाजपा का “खोट” सामने आ गया है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी हेरफेर से राजनीति को दूषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हर क्षेत्र में देश का बंटाधार कर दिया है।
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जफर पारुल
पारुल