स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने के लिए ‘लोक हुंकार’ कार्यक्रम आयोजित
स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने के लिए ‘लोक हुंकार’ कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ, एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने के उद्देश्य से मंगलवार को लखनऊ के गांधी सभागार में ‘लोक हुंकार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जन आंदोलनों और विभिन्न जनसंगठनों के साझा मंच ‘लोक हुंकार’ के कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों के अलावा कांग्रेस के नेताओं ने भी हिस्सा लिया और स्थानीय समस्याओं तथा जनसरोकारों को सामने रखा। आयोजकों ने एक बयान में यह जानकारी दी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
‘लोक हुंकार’ की ओर से जारी बयान के अनुसार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, ‘‘यह जनसुनवाई का वक्त नहीं, जन हुंकार का वक्त है। विभिन्न समस्याओं से हलकान, परेशान और पीड़ित लोगों की साझा हुंकार ही आमूलचूल परिवर्तन की वाहक होगी।’’
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने ‘लोक हुंकार’ को एक अभिनव प्रयोग बताते हुए कहा, ‘‘जिस दिन हम विभिन्न मुद्दों पर जनता की लामबंदी कर लेंगे, जनता ही इस आततायी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।’’
विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि ‘लोक हुंकार’ समाज की क्रांतिकारी और प्रगतिशील मानसिकता का प्रतिबिंब है।
महिलाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम आधी आबादी हैं और हमें हर जगह पर्याप्त प्रतिनिधित्व चाहिए। अगर यह विनम्रता से मिलता है तो ठीक, वरना हम भारतीय नारी इसके लिए लड़ेंगे और जीतेंगे भी।’’
बयान के अनुसार, सीतापुर के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने कहा कि ‘लोक हुंकार’ कार्यक्रम व्यापक रूप से सफल रहा। फरेंदा के कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने जनता के शोषण से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए अपने विचार रखे।
इस कार्यक्रम में चतुरानन ओझा, ज्योति राय, सीमा गौतम, खालिद मसूद, उषा विश्वकर्मा, देव कबीर, डॉ. हरिराम, शिवम तिवारी, सदफ और सुनील तिवारी समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे और स्थानीय समस्याओं को मंच पर उठाया।
कार्यक्रम का संचालन अशोक भारती ने किया, जबकि देवेश दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
भाषा
आनन्द रवि कांत

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