एएमयू के राइडिंग क्लब की जमीन पर कब्जे को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
एएमयू के राइडिंग क्लब की जमीन पर कब्जे को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
अलीगढ़, एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ नगर निगम द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के राइडिंग क्लब की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने की कोशिश के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह ने मंगलवार को परिसर में विरोध मार्च निकाला।
तख्तियां लिए और नारे लगाते हुए छात्र राइडिंग क्लब मैदान की ओर बढ़ना चाहते थे। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवादित जमीन की ओर जाने वाले सेंटेनरी गेट को बंद कर दिया, ताकि प्रदर्शनकारी वहां तक नहीं पहुंच सकें।
छात्र प्रदर्शन के प्रवक्ता यासिर फहाद ने कहा कि इस विवाद को लेकर एएमयू समुदाय ‘‘गहरे तौर पर व्यथित’’ है। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सरकार ने 1921 में यह जमीन आधिकारिक रूप से विश्वविद्यालय को आवंटित की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 1993 से आधिकारिक रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ को ठीक कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।
फहाद ने कहा कि यह मामला सोमवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अदालत में सूचीबद्ध था, लेकिन छात्रों को कार्यवाही के बारे में सूचित नहीं किया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पर भरोसा जताया, लेकिन सवाल किया कि जब अलीगढ़ नगर निगम के अधिकारियों ने पिछले पखवाड़े जमीन पर कब्जा करने और वहां बाड़ लगाने का कथित प्रयास किया था, तब उनकी मौजूदगी क्यों नहीं थी।
बाद में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर नवेद खान ने जिलाधिकारी को संबोधित छात्रों का ज्ञापन स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं को जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नगर निकाय के नवनियुक्त वकील ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान और समय मांगा। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई सात सितंबर को निर्धारित की गई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र कानूनी कार्यवाही की जानकारी रखने के लिए अगली सुनवाई में अपने पांच प्रतिनिधि भेज सकते हैं।
खान ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और संयम बरतने के लिए छात्रों की सराहना भी की।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत

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