Publish Date - January 13, 2026 / 04:06 PM IST,
Updated On - January 13, 2026 / 04:08 PM IST
Tomorrow Public Holiday or Not: 14 नहीं 15 जनवरी को रहेगी मकर संक्रांति की छुट्टी, भाजपा सरकार ने अचानक बदल दी तारीख, निर्देश जारी / Image: IBc24 Customized
HIGHLIGHTS
14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी को छुट्टी
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने की परंपरा
मकर संक्रांति स्वास्थ्य, ऊर्जा और सामाजिक समरसता का प्रतीक
Tomorrow Public Holiday or Not बता दें कि उत्तर भारत के कई राज्यों में इस दिन खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना एक पुरानी परंपरा है। यही कारण है कि मकर संक्रांति का नाम आते ही खिचड़ी का स्मरण स्वतः हो जाता है। परंपरा के पीछे केवल स्वाद नहीं, बल्कि गहरी आस्था और सामाजिक भावना जुड़ी मानी जाती है। मकर संक्रांति के समय ठंड अपने चरम पर होती है। ऐसे मौसम में खिचड़ी शरीर के लिए लाभकारी मानी जाती है।
दाल और चावल का संतुलन शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है, जबकि घी पाचन शक्ति को मजबूत करता है। यह भोजन हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर होता है। इसके साथ ही खिचड़ी का दान सामाजिक समरसता का प्रतीक माना गया है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन या सामग्री देने से सहयोग और करुणा का भाव बढ़ता है। कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों का सुंदर संगम है, जो इस पर्व को विशेष अर्थ देता है।