Tomorrow Public Holiday or Not: 14 नहीं 15 जनवरी को रहेगी मकर संक्रांति की छुट्टी, भाजपा सरकार ने अचानक बदल दी तारीख, निर्देश जारी

Tomorrow Public Holiday or Not: 14 नहीं 15 जनवरी को रहेगी मकर संक्रांति की छुट्टी, भाजपा सरकार ने अचानक बदल दी तारीख, निर्देश जारी

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 04:08 PM IST

Tomorrow Public Holiday or Not: 14 नहीं 15 जनवरी को रहेगी मकर संक्रांति की छुट्टी, भाजपा सरकार ने अचानक बदल दी तारीख, निर्देश जारी / Image: IBc24 Customized

HIGHLIGHTS
  • 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी को छुट्टी
  • मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने की परंपरा
  • मकर संक्रांति स्वास्थ्य, ऊर्जा और सामाजिक समरसता का प्रतीक

लखनऊ: Tomorrow Public Holiday or Not मकर संक्रांति की छुट्टी में प्रदेश सरकार ने बदलाव किया है। प्रदेश में अब संक्रांति की छुट्टी 14 जनवरी 2026 के बजाए 15 जनवरी को रहेगी। इस संबंध में सरकार ने अधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय और स्कूल 15 जनवरी को बंद रहेंगे।

Tomorrow Public Holiday or Not बता दें कि उत्तर भारत के कई राज्यों में इस दिन खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना एक पुरानी परंपरा है। यही कारण है कि मकर संक्रांति का नाम आते ही खिचड़ी का स्मरण स्वतः हो जाता है। परंपरा के पीछे केवल स्वाद नहीं, बल्कि गहरी आस्था और सामाजिक भावना जुड़ी मानी जाती है। मकर संक्रांति के समय ठंड अपने चरम पर होती है। ऐसे मौसम में खिचड़ी शरीर के लिए लाभकारी मानी जाती है।

दाल और चावल का संतुलन शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है, जबकि घी पाचन शक्ति को मजबूत करता है। यह भोजन हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर होता है। इसके साथ ही खिचड़ी का दान सामाजिक समरसता का प्रतीक माना गया है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन या सामग्री देने से सहयोग और करुणा का भाव बढ़ता है। कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों का सुंदर संगम है, जो इस पर्व को विशेष अर्थ देता है।

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उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति की छुट्टी अब कब है?

यूपी सरकार के नए आदेश के अनुसार, मकर संक्रांति का अवकाश अब 15 जनवरी 2026 को होगा।

क्या 14 जनवरी को स्कूल और दफ्तर खुलेंगे?

हाँ, 14 जनवरी को सामान्य कार्य दिवस रहेगा और सभी सरकारी कार्यालय व स्कूल खुले रहेंगे।

मकर संक्रांति को 'खिचड़ी' क्यों कहा जाता है?

उत्तर भारत में इस दिन खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की सदियों पुरानी परंपरा है, जिसके कारण इसे स्थानीय भाषा में खिचड़ी पर्व भी कहते हैं।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने का क्या महत्व है?

खिचड़ी का दान सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में प्रेम व सहयोग बढ़ाने का संदेश देता है।

क्या यह बदलाव निजी संस्थानों के लिए भी लागू है?

सरकारी आदेश मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों के लिए है, हालांकि अधिकांश निजी संस्थान भी सरकारी कैलेंडर का ही पालन करते हैं।