पुलिस की जमीन पर था माफिया का कब्जा, खाली करा के बनाया ‘स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट’: योगी आदित्यनाथ
पुलिस की जमीन पर था माफिया का कब्जा, खाली करा के बनाया ‘स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट’: योगी आदित्यनाथ
लखनऊ, 15 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती विपक्षी दलों की सरकारों पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि नौ साल पहले उत्तर प्रदेश की हालत यह थी कि राजधानी में पुलिस की जमीन पर कुख्यात माफिया ने कब्जा कर रखा था, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद ख़ाली कराकर “स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट” का निर्माण कराया गया।
लखनऊ में आयोजित डी-3 (डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग) ‘त्रिवेणी’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “तत्कालीन सरकार के सरंक्षण में वह माफिया इतना शक्तिशाली हो चुका था कि पुलिस की हिम्मत नहीं थी कि वह अपनी जमीन खाली करा सके। लेकिन, डबल इंजन सरकार का बुलडोजर देखते ही माफिया ने ख़ुद जमीन सरकार को सौंप दी। आज उसी जमीन पर स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की भव्य इमारत खड़ी है।”
एक आधिकारिक बयान के अनुसार सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने मीडिया की भूमिका, कानून व्यवस्था, फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस कॉरिडोर, पर्यटन, मेडिकल शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 200 एकड़ भूमि मुफ्त उपलब्ध कराई। ब्रह्मोस की ताकत देखिए, जिस दिन पहली ब्रह्मोस मिसाइल निकली, उसके तीसरे दिन पाकिस्तान पर बरस पड़ी थी।
योगी ने कहा कि जमीन की कीमत क्या है, राष्ट्र की सुरक्षा से बढ़कर क्या हो सकता है? यह भूमि मुफ्त में जरूर दी गई है, लेकिन जब प्रतिवर्ष लगभग 150 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण होगा तो उत्तर प्रदेश को लगभग 135 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त होंगे। योगी ने कहा कि जहां 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद थी, वहीं अब तक 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
वर्तमान परिदृश्य में मीडिया की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ नकारात्मक को समाचार मानना उचित नहीं। खबर को खबर के रूप में प्रस्तुत करना ही मीडिया का काम है, उसमें व्यक्तिगत विचार नहीं शामिल होने चाहिए। ‘न्यूज में व्यूज मिक्स’ नहीं होने चाहिए। ‘व्यूज़’ के लिए एक अलग से कॉलम होता है, उसमें अपने विचार दे सकते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप केवल कंटेंट क्रिएटर नहीं हैं, आप ‘ओपिनियन मेकर’ के रूप में समाज को बहुत कुछ दे सकते हैं। समाज के विचार को सच के साथ जोड़ने का साहस दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सच के साथ चलना अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती होती है, लेकिन अंततः ‘सत्यमेव जयते’ यानी सत्य की ही विजय होती है। यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी ज़िम्मेदारियों का अहसास कर ले, तो सकारात्मक परिणाम अवश्य आएंगे।
भाषा आनन्द सुरभि
सुरभि

Facebook


