National Handloom Day 2026: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर यूपी के CM योगी ने बुनकरों का किया सम्मान, कहा, “हमारी सांस्कृतिक विरासत के असली संरक्षक हैं कारीगर”
National Handloom Day 2026: सीएम योग ने बुनकरों और हथकरघा कारीगरों को बधाई देते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया।
National Handloom Day 2026/Image Credit: UP DPR
- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सीएम योगी ने बुनकरों को दी बधाई।
- सीएम योगी ने बुनकरों को भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया।
- सीएम योगी ने बुनकरों को संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार भी प्रदान किए।
National Handloom Day 2026: लखनऊ: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बुनकरों और हथकरघा कारीगरों को बधाई देते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया। (National Handloom Day 2026 CM Yogi) इस मौके पर उन्होंने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार भी प्रदान किए।
स्वदेशी आंदोलन से जुड़ा है 7 अगस्त का इतिहास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी। इस आंदोलन ने देशवासियों को विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पाद अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई और पारंपरिक उद्योगों, विशेषकर हथकरघा क्षेत्र, को नई पहचान मिली।

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हथकरघा हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक
National Handloom Day 2026: सीएम योगी ने कहा कि हथकरघा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हाथ से बुना गया हर कपड़ा अपने पीछे कारीगर की मेहनत, कौशल और वर्षों पुरानी परंपरा की कहानी समेटे होता है।
यूपी की हथकरघा कला को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बनारसी सिल्क साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही के कालीन, मऊ, टांडा और मुबारकपुर के हाथ से बुने वस्त्र देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इन पारंपरिक उद्योगों से हजारों बुनकर परिवारों को रोजगार मिलता है और राज्य के निर्यात में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान है।

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सरकार बुनकरों के विकास के लिए प्रतिबद्ध
National Handloom Day 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य स्तरीय पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट कारीगरों का सम्मान किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकरों को बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और विभिन्न योजनाओं के जरिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा का सम्मान करना और देशभर के लाखों बुनकरों के योगदान को पहचान देना है।

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