UP International Trade Show 2026: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उमड़ा जनसैलाब, 4 दिन में पहुंचे 5.48 लाख से ज्यादा लोग, कारोबार के साथ संस्कृति से भी हुए रूबरू

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UP International Trade Show 2026: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उमड़ा जनसैलाब, 4 दिन में पहुंचे 5.48 लाख से ज्यादा लोग

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 09:03 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 09:04 PM IST

UP International Trade Show 2026/Image Credit: File

HIGHLIGHTS
  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उमड़ा जनसैलाब
  • 4 दिन में पहुंचे 5.48 लाख से ज्यादा लोग
  • कारोबार के साथ संस्कृति से भी हुए रूबरू

UP International Trade Show 2026: ग्रेटर नोएडा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने व्यापारिक गतिविधियों के साथ जनभागीदारी के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित पांच दिवसीय ट्रेड शो में 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई। इसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल हैं। ट्रेड शो मंगलवार को संपन्न होगा, जिससे फुटफॉल का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

यूपीआईटीएस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि यह आयोजन अब केवल कारोबारियों और उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदेश के उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, ओडीओपी उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों और आधुनिक विनिर्माण की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आम लोग भी ट्रेड शो में पहुंच रहे हैं। वहीं, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदर्शनी को वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का मंच बना दिया है।

कारोबार और जनभागीदारी का संगम

यूपीआईटीएस-4.0 की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां कारोबार और जनभागीदारी एक साथ दिखाई दी। जहां एक ओर कारोबारी खरीदार प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत, उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को समझने के लिए विभिन्न स्टॉल पर पहुंचे, वहीं दूसरी ओर सामान्य आगंतुकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पादों और शिल्प की जानकारी ली। 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदेश के उद्यमियों को देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यापारियों और संभावित कारोबारी साझेदारों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया। इससे स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और व्यापारिक नेटवर्क को विस्तार देने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

‘लोकल से ग्लोबल’ विजन को मिल रही मजबूती

UP International Trade Show 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यूपीआईटीएस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया है। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पाद एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत तैयार किए जा रहे उत्पादों के साथ हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कालीन, पीतल, कांच, लकड़ी के उत्पाद और अन्य पारंपरिक एवं आधुनिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ट्रेड शो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बड़ी संख्या में सामान्य आगंतुकों की मौजूदगी ने इन उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर भी दिया है। इससे उत्पादों की पहचान बढ़ाने, ब्रांडिंग को मजबूत करने और स्थानीय उद्यमियों को नए ग्राहक वर्ग से जोड़ने में मदद मिल रही है।

3.92 लाख सामान्य आगंतुकों ने बढ़ाई रौनक

28 सितंबर तक ट्रेड शो में पहुंचे 3,92,358 सामान्य आगंतुकों ने यूपीआईटीएस को व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बना दिया है। अलग-अलग हॉल में लगे स्टॉल्स पर लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। आगंतुक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए उत्पादों को करीब से देख रहे हैं और उनकी निर्माण प्रक्रिया, विशेषताओं तथा उपयोगिता की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ट्रेड शो में व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला-संस्कृति, खानपान और पारंपरिक उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे प्रदेश की विविधता को एक ही मंच पर देखने का अवसर मिल रहा है।

प्रदर्शनी हॉलों में लगातार बढ़ी कारोबारी गतिविधियां

UP International Trade Show 2026: विभिन्न प्रदर्शनी हॉलों में खरीदारों और आगंतुकों की निरंतर आवाजाही से कारोबारी गतिविधियों को गति मिली है। कारोबारी खरीदार उत्पादों की जानकारी लेने के साथ संभावित आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रेड शो में घरेलू खरीदारों के साथ विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने प्रदेश के उद्यमियों के लिए निर्यात बाजार के नए अवसर भी खोले हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने तथा संभावित व्यापारिक साझेदारों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला है।

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