Traffic challans with electricity bills: बिजली बिल में जुड़कर घर आएगा ट्रैफिक चालान?.. यातायात पुलिस वसूली के लिए अपनाएगी ये अजब तरीका?.. इन राज्यों में ₹45 हजार करोड़ का बकाया

सुप्रीम कोर्ट ने पहले से जारी ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने और बकाया चालान वाले वाहनों को प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र जारी नहीं करने जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही। कोर्ट ने यह भी कहा कि वाहनों की रैंडम जांच की जा सकती है। यदि किसी वाहन पर लंबे समय से ई-चालान बकाया है तो जरूरत पड़ने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

Traffic challans with electricity bills: बिजली बिल में जुड़कर घर आएगा ट्रैफिक चालान?.. यातायात पुलिस वसूली के लिए अपनाएगी ये अजब तरीका?.. इन राज्यों में ₹45 हजार करोड़ का बकाया

Traffic challans with electricity bills || Image- Archive File

Modified Date: September 28, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बकाया ट्रैफिक चालान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
  • बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव दिया
  • 45 हजार करोड़ रुपये की वसूली बाकी

Traffic challans with electricity bills: नई दिल्ली: देश के सर्वोच्च न्यायलय सुप्रीम कोर्ट ने बिना भुगतान वाले ट्रैफिक चालानों की वसूली को लेकर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि केवल ई-चालान जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बकाया जुर्माने की वास्तविक वसूली के लिए जमीनी स्तर पर बड़े और सख्त कदम उठाने होंगे। सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पार्डीवाला ने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर बकाया ट्रैफिक चालान को बिजली बिल जैसी अन्य सरकारी देनदारियों से जोड़कर वसूली का तरीका तलाशा जा सकता है।

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इन राज्यों में 45 हजार करोड़ रुपये का बकाया

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान बकाया हैं। इनमें से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। जस्टिस पार्डीवाला ने कहा कि पुलिस हजारों या लाखों ई-चालान जारी कर सकती है, लेकिन असली चुनौती इन चालानों से लगाए गए जुर्माने की वसूली है।

बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव

Traffic challans with electricity bills: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुझाव दिया कि यदि लोग ट्रैफिक चालान का भुगतान नहीं करते हैं तो इसे बिजली बिल जैसी अन्य देनदारी से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, यह केवल सुनवाई के दौरान दिया गया सुझाव था, कोर्ट ने इसे लागू करने का कोई निर्देश नहीं दिया है।

वाहन से जुड़े दस्तावेजों पर भी रोक का सुझाव

कोर्ट ने बकाया चालान की वसूली के लिए कई अन्य उपायों पर भी विचार किया। इनमें लंबित चालान वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के नवीनीकरण पर रोक, डुप्लीकेट आरसी जारी नहीं करना और वाहन का स्वामित्व ट्रांसफर रोकना शामिल है। इसके अलावा, चालान का भुगतान होने तक वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं करने, परिवहन पोर्टल पर ऐसे वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगाने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई।

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लाइसेंस और PUC पर भी कार्रवाई की संभावना

Traffic challans with electricity bills: सुप्रीम कोर्ट ने पहले से जारी ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने और बकाया चालान वाले वाहनों को प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र जारी नहीं करने जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही। कोर्ट ने यह भी कहा कि वाहनों की रैंडम जांच की जा सकती है। यदि किसी वाहन पर लंबे समय से ई-चालान बकाया है तो जरूरत पड़ने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

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