मथुरा में यमुना प्रदूषण के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता का अनोखा विरोध, ‘कॉकरोच’ बनकर जताया आक्रोश
मथुरा में यमुना प्रदूषण के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता का अनोखा विरोध, ‘कॉकरोच’ बनकर जताया आक्रोश
मथुरा, 23 मई (भाषा) यमुना नदी के प्रदूषण और मथुरा में फैली गंदगी के खिलाफ विरोध जताने के लिए एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अनोखा तरीका अपनाया। वह शुक्रवार को ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नगर निगम कार्यालय पहुंचा था और शनिवार को भी वृंदावन के बिहार घाट पर उसी वेश में नाले में उतरकर विरोध करता नजर आया।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने कहा कि यमुना लगातार प्रदूषित हो रही है और बिना शोधन के नालों का पानी सीधे नदी में गिर रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक यमुना साफ नहीं होती और इसमें गिरने वाले नालों को रोका नहीं जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे के लिए अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार हैं। साथ ही आरोप लगाया कि नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें फोन कर धमकी दी है।
हालांकि, नगर आयुक्त जग प्रवेश ने इन आरोपों से इनकार किया।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने स्वयं दीपक शर्मा से उनकी शिकायत सुनने के लिए संपर्क किया था, लेकिन वे दोनों बार बैठक के लिए नहीं आए।
नगर आयुक्त ने कहा, “मेरे कार्यालय की ओर से उन्हें कल शाम और आज सुबह बैठक के लिए फोन किया गया था, लेकिन वे नहीं आए। उन्हें आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी।”
उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनने और समाधान करने के लिए तैयार है।
शुक्रवार को ‘कॉकरोच’ की पोशाक में नगर निगम कार्यालय पहुंचे दीपक शर्मा को देखकर अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग हैरान रह गए थे। इस दौरान दीपक ने नगर निगम परिसर में नाच-गाकर विरोध भी किया था।
दीपक ने कहा था कि यमुना प्रदूषण और शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने यह रूप धारण किया है। दीपक ने आरोप लगाया कि जब युवा तथ्य लेकर न्यायालय या प्रशासन के पास जाते हैं, तो उन्हें अनदेखा किया जाता है।
उनका यह विरोध ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान से भी जोड़ा जा रहा है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था।
नगर निगम कार्यालय में उनके प्रदर्शन के दौरान काफी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने वीडियो भी बनाए। बाद में वह ज्ञापन सौंपकर वहां से लौट गए।
दीपक ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते यमुना की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत

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