मायावती ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और सपा के रुख की आलोचना की

मायावती ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और सपा के रुख की आलोचना की

मायावती ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और सपा के रुख की आलोचना की
Modified Date: April 17, 2026 / 02:01 pm IST
Published Date: April 17, 2026 2:01 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

लखनऊ, 17 अप्रैल (भाषा) संसद में महिला आरक्षण पर चर्चा जारी रहने के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली इन पार्टियों ने केंद्र में अपनी सरकार के रहते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण की कोई पहल नहीं की।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छलावा करने वाली एवं दोहरे चरित्र वाली ऐसी पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पायेगा।

बसपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक लंबे पोस्ट में कहा, ‘‘देश के एससी, एसटी व ओबीसी समाज के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलती रही।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये वही पार्टी है जो अब महिला आरक्षण में इन श्रेणियों (एससी, एसटी, ओबीसी) की बात कर रही है, लेकिन इसने केंद्र सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी क्षेत्र में उनके आरक्षण कोटा को पूरा कराने के लिए कभी कोई पहल नहीं की।’’

मायावती ने कहा, ‘‘इस सरकार ने मंडल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी नौकरियों और शिक्षा में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू नहीं किया, जिसे अंततः पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की सरकार में लागू किया गया था।’’

सपा पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, ‘‘उप्र में पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने के लिए, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था, जिसे बसपा की तीन जून 1995 में बनी पहली सरकार ने तुरंत लागू किया था। अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनीतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।’’

मायावती ने पोस्ट में कहा, ‘‘अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी सपा जब सरकार में नहीं है तो अलग रवैया अपना रही है, लेकिन जब सरकार में होती है तो अलग संकीर्ण जातिवादी व तिरस्कारी रवैया अपनाती है।’’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘इन सभी वर्गों को ऐसी सभी छलावा एवं दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पायेगा।’’

मायावती ने कहा, ‘‘जहां तक महिला आरक्षण के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का सवाल है, तो इस बारे में यही कहना है कि चाहे इसे जिन भी कारणों से जल्दी लागू किया जा रहा हो लेकिन इसे इसी जनगणना के आधार पर किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी केंद्र में सत्ता में होती तो फिर यह पार्टी भी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की तरह ही यही कदम उठाती।’’

मायावती ने कहा, ‘‘कहने का तात्पर्य यह है कि देश में एससी, एसटी व ओबीसी एवं मुस्लिम समाज के वास्तविक हित, कल्याण व उनके भविष्य संवारने के किसी भी मामले में कोई भी पार्टी गंभीर नहीं रही है।’’

उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा, ‘‘महिला आरक्षण के मामले में इन वर्गों को अभी जो कुछ भी मिलने वाला है, उसे इन्हें फिलहाल स्वीकार कर लेना चाहिये और इस मामले में आगे अच्छा वक्त आने पर इनके हितों का सही से पूरा ध्यान रखा जायेगा।’’

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘उन्हें किसी के भी बहकावे में नहीं आना चाहिए क्योंकि उन्हें खुद अपने पैरों पर खड़े होकर अपने समाज को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाना है। यही मेरी सलाह है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा एवं विधानसभाओं में 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का बृहस्पतिवार को पुरजोर समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा जबकि विपक्ष का दावा है कि यदि यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता है तो भारत में लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा।

भाषा आनन्द सुरभि

सुरभि


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