उप्र में अगले छह माह के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे:योगी आदित्‍यनाथ

उप्र में अगले छह माह के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे:योगी आदित्‍यनाथ

उप्र में अगले छह माह के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे:योगी आदित्‍यनाथ
Modified Date: September 19, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: September 19, 2026 4:03 pm IST

लखनऊ, 19 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को विपक्षी दलों की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अगले छह महीने के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को उप्र के अंदर सरकारी नौकरी दी जाएगी।

योगी ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया कि उसने उप्र लोकसेवा आयोग (उप्र पीएससी) के अध्यक्ष के तौर पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया था, जो उस पद के लिए योग्य नहीं था।

यहां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (उप्र पीएससी) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (उ प्र एसएससी) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने से जुड़े समारोह को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने संबोधित किया।

योगी ने राज्‍य के मुख्‍य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया है।

योगी आदित्‍यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए बिना नाम लिए यह दावा किया कि ‘‘उप्र लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था, जो उस पद के लिए योग्य नहीं था। अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा और युवाओं को सड़कों पर उतरकर यह कहना पड़ा कि इस व्यक्ति को उम्रकैद होनी चाहिए और उसे जेल के अंदर ही सड़ने देना चाहिए।’’

अक्टूबर 2015 में इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय ने उप्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के तौर पर अनिल कुमार यादव की नियुक्ति को ‘गैर-कानूनी’ बताते हुए रद्द कर दिया था।

अदालत की पीठ ने आयोग के अध्यक्ष के तौर पर यादव की नियुक्ति को रद्द कर दिया। इस पीठ में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा शामिल थे।

मुख्यमंत्री योगी ने 2017 के पहले की अखिलेश यादव के नेतृत्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ वर्ष 2017 से पहले जिन लोगों ने नियुक्ति पत्रों के वितरण में गदर मचाई थी, उनसे कहना चाहता हूं कि नोट कर लें, आज से फिर नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे हैं और अगले छह महीने के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को उप्र के अंदर सरकारी नौकरी देंगे। वे (विपक्ष) गिनती करें, हम (नौकरी) देते जाएंगे।’’

उन्‍होंने बिना नाम लिए सपा प्रमुख और उनके चाचा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अब नौकरियां ही नौकरियां हैं। और सोचो इन्हीं नौकरियों के लिए चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ होकर लूटपाट करने के लिए निकल पड़ती थी। आज वह उपदेशक की भूमिका में काम कर रहे हैं और 2027 के बाद उपदेशक भी नहीं रह पाएंगे।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पहले विज्ञापन निकलते ही ठेके बांट दिए जाते थे, विज्ञापन जारी होते ही धंधा शुरू हो जाता था। योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया था, उन्‍हें भी नियुक्ति पत्र वितरित कर दिया गया था और यह अराजकता की पराकाष्ठा थी।

योगी ने कहा, ‘‘जिन्‍होंने उप्र के युवाओं का नुकसान किया, उप्र जैसे उत्‍सव प्रदेश को उपद्रवग्रस्त बना दिया था, उन लोगों को यह राज्‍य कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और कभी करना भी नहीं चाहिए। यह मामला केवल गलती का नहीं था, यह शरारत का था, यह काला धब्बा था, जिससे हम मुक्त हुए हैं।

योगी ने पिछली सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी “बीमार मानसिकता” और भ्रष्ट व भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य बन गया था।

योगी आदित्‍यनाथ ने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘ वर्श 2017 के पहले उप्र के बारे में लोगों की धारणा क्या थी, हर दूसरे दिन दंगा होता था, महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था और कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं था।’’

उन्‍होंने कहा कि ‘भर्ती बोर्ड’ और आयोगों में तत्कालीन सरकार ने अपने भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था।

मुख्‍यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘तब एक भी भर्ती ईमानदारी पूर्वक नहीं होती थी। युवा पलायन करता था। उसके सामने एक ओर कुआं था, तो दूसरी तरफ खाई थी, क्योंकि उप्र में नौकरी नहीं थी और उप्र के बाहर उसके सामने पहचान का संकट था।”

उन्‍होंने मिशन रोजगार के तहत चयनित अभ्‍यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न की गई।

योगी ने कहा, ‘‘भर्ती बोर्ड और आयोग अब शासन की किसी राजनीति का शिकार नहीं होते हैं और परीक्षाएं पारदर्शी तथा शुचितापूर्ण प्रक्रिया के तहत संपन्न होती हैं।’’

इस समारोह को आयुष राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायी कार्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया। नियुक्ति पत्र पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने भी अपनी बात रखी।

भाषा आनन्द

रंजन संतोष

संतोष


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