मुजफ्फरनगर अदालत ने दहेज हत्या मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया, पति को 10 साल की सजा

मुजफ्फरनगर अदालत ने दहेज हत्या मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया, पति को 10 साल की सजा

मुजफ्फरनगर अदालत ने दहेज हत्या मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया, पति को 10 साल की सजा
Modified Date: April 18, 2025 / 09:45 am IST
Published Date: April 18, 2025 9:45 am IST

मुजफ्फरनगर (उप्र), 18 अप्रैल (उप्र) मुजफ्फरनगर जिले की एक त्वरित अदालत ने 30 वर्षीय महिला की 2022 में दहेज के कारण हत्या किए जाने के मामले में उसके पति को 10 साल के कठोर कारावास और उसके सास-ससुर को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है। एक वकील ने यह जानकारी दी।

त्वरित अदालत की न्यायाधीश नेहा गर्ग ने महिला के पति मीर हसन को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 498ए (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), 304बी (दहेज हत्या), 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम (धारा तीन और चार) के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने मीर हसन को 10 साल जेल की सजा सुनाई और उस पर 7,000 रुपये जुर्माना लगाया।

हसन के पिता लियाकत और मां शकीला को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई गई तथा उन पर 2,000 रुपये जुर्माना लगाया गया।

जिला सरकारी वकील राजीव शर्मा ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मारी गई महिला शाहीन की शादी 11 अक्टूबर 2015 को मीर हसन से हुई थी। उसकी मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, दहेज की मांग को लेकर शाहीन को लगातार परेशान किया जाता था तथा 14 दिसंबर 2022 को उसके ससुराल वालों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला।’’

शर्मा ने कहा, ‘‘परिवार ने पुलिस को सूचित किए बिना उसके शव को नयी मंडी पुलिस थाना क्षेत्र के मखियाली गांव में दफनाकर घटना को छिपाने की कोशिश की।’’

पुलिस ने शिकायत एवं उसके बाद की गई जांच के आधार पर मामला दर्ज किया।

भाषा सं जफर सिम्मी

सिम्मी


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