मुजफ्फरनगर (उप्र) 26 सितंबर (भाषा) मुजफ्फरनगर जिले की एक विशेष अदालत ने शनिवार को 26 साल पुराने धीराहेडी हिंसा मामले में दंगा करने और हत्या करने के जुर्म में सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने यह जानकारी दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला भोपा थानाक्षेत्र के धीराहेडी का है, जहां 26 वर्ष पहले सन 2000 में पंचायत चुनाव की रंजिश में दंगा और हत्या की वारदात हुई थी।
मामले की सुनवाई बुधवार को ही पूरी हो गई और शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत) ज्योत्सना सिवाच ने पूर्व ग्राम प्रधान के पति बसंत, अनिल, रविंदर, नवाब, संजीव, पंकज और प्रीतम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उन पर 1.87 लाख-1.87 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार जावला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने फैसला सुनाते हुए यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सबूतों के अभाव में अदालत ने दो आरोपियों– गुलबीर और ओमवीर को बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि एक आरोपी धूम सिंह की मौत मुकदमा चलने के दौरान ही हो गई थी।
अधिवक्ता ने बताया कि 20 सितंबर 2000 को जिले में भोपा थानाक्षेत्र के धीराहेडी गांव में पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान हुई गोलीबारी में रवींद्र नामक एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
पुलिस ने इस मामले में हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में 10 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद बुधवार को सात आरोपियों को दोषी करार दिया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
भाषा सं आनन्द
राजकुमार
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