उप्र:उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अभियान

उप्र:उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अभियान

उप्र:उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अभियान
Modified Date: April 15, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: April 15, 2026 8:43 pm IST

लखनऊ, 15 अप्रैल (भाषा) ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक डिजिटल बैठक में निर्देश दिया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिनमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि 15 एवं 16 अप्रैल को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ आयोजित होगी, जिसमें प्रतिष्ठित एवं सामाजिक क्षेत्र की महिलाओं को नेतृत्व प्रदान किया जाएगा।

उपाध्याय ने कहा कि इन पदयात्राओं से ‘लखपति दीदी’ समेत महिला लाभार्थियों, एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों को जोड़ा जाएगा और महिलाओं की स्कूटी यात्राओं के माध्यम से भी अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि 20 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर के प्रमुख स्थानों एवं महिला महाविद्यालयों/छात्रावासों में ‘नारी शक्ति दीवार’ स्थापित की जाएगी, जहां महिलाएं अपने विचार व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर करेंगी तथा मानव श्रृंखला बनाकर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत ‘मिस्ड कॉल नंबर’ एवं स्टिकर के माध्यम से जनसमर्थन जुटाया जाएगा और इनका उपयोग सभी कार्यक्रमों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा सैंड आर्ट, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, लोकगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से समाज में व्यापक जनजागरूकता विकसित की जाएगी।

राज्य सरकार द्वारा जारी किये गये बयान के मुताबिक इस अभियान के सफल संचालन के लिए विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक उच्च शिक्षा परिषद के सचिव निजी विश्वविद्यालयों से समन्वय करेंगे, कुलसचिव सरकारी एवं अनुदानित महाविद्यालयों से संपर्क करेंगे, परीक्षा नियंत्रक स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से समन्वय करेंगे तथा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के सभी संस्थानों में कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने बताया कि विशेष सचिव राजकीय विश्वविद्यालयों की निगरानी करेंगे।

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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