‘नौतपा’ शुरू : प्रचंड गर्मी से तपे अनेक इलाके

'नौतपा' शुरू : प्रचंड गर्मी से तपे अनेक इलाके

‘नौतपा’ शुरू : प्रचंड गर्मी से तपे अनेक इलाके
Modified Date: May 25, 2026 / 09:37 pm IST
Published Date: May 25, 2026 9:37 pm IST

लखनऊ, 25 मई (भाषा) भीषण गर्मी से जूझ रहे देश में सोमवार से ‘नौतपा’ की शुरुआत हो गयी और इस दौरान उत्तर प्रदेश के अनेक इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

राज्य में पिछले करीब एक पखवाड़े से प्रचंड गर्मी पड़ रही है और ‘नौतपा’ शुरू होने के बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर जबर्दस्त लू चलने की सम्भावना जतायी है। विभाग ने कुछ स्थानों पर रात का तापमान भी सामान्य से काफी ज्यादा रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को बांदा एक बार फिर न सिर्फ प्रदेश में बल्कि देश का भी सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतमान तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर से 4.1 डिग्री अधिक था।

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के अन्य गर्म स्थानों में झांसी (46.0 डिग्री सेल्सियस), उरई (45.8 डिग्री सेल्सियस), आगरा (45.5 डिग्री सेल्सियस), प्रयागराज (45.4 डिग्री सेल्सियस) और हमीरपुर (45.2 डिग्री सेल्सियस) शामिल रहे।

‘नौतपा’ नौ दिनों की वह अवधि है जिसमें सबसे तेज गर्मी पड़ती है। मान्यता के अनुसार ‘नौतपा’ की अवधि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होती है। हालांकि लोककथाओं में इसे पारिस्थितिक संतुलन और मौसमी बदलाव से जोड़ा जाता है।

हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है लेकिन उसके बाद सप्ताह के अंत तक तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही परामर्श जारी कर लोगों से कहा है कि भीषण गर्मी के मद्देनजर वे दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच घर से बाहर निकलने से परहेज करें, हल्के और सूती कपड़े पहनें और मौसमी फलों तथा तरल पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।

पूरे प्रदेश में प्रशासन और आम नागरिक, दोनों ही इस भीषण गर्मी से निपटने के लिए नए-नए उपाय अपनाते नज़र आए।

लखनऊ के व्यस्त हज़रतगंज इलाके में यातायात सिग्नलों पर हरे रंग के शेड वाले कपड़े लगाए गए हैं, ताकि चिलचिलाती धूप में इंतज़ार करने को मजबूर यात्रियों को कुछ राहत मिल सके। इसके अलावा शहर के 1090 चौराहे के पास सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया ताकि आसपास का तापमान कम हो सके और आने-जाने वालों को कुछ राहत मिले।

गोंडा ज़िले में, विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बिजली की बढ़ती मांग के बीच ट्रांसफार्मरों को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए अनोखा कदम उठाया। इसके तहत एक ट्रांसफार्मर के पास एक बड़ा पंखा लगाया गया जबकि तापमान को काबू में रखने के लिए पाइप के जरिए उस पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा था।

बिजली विभाग के एक कर्मचारी ने कहा, ”हम हर आधे घंटे में ट्रांसफार्मर ठंडा करने की प्रक्रिया दोहरा रहे हैं, ताकि इस भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर ज्यादा गर्म होने के कारण जलें नहीं।”

अयोध्या से मिली रिपोर्ट के मुताबिक ‘नौतपा’ की शुरुआत का धार्मिक महत्व भी है। पुजारियों और भक्तों ने इस उमस भरे मौसम में देवी-देवताओं को ‘ठंडक भरी राहत’ देने के उद्देश्य से कई धार्मिक अनुष्ठान किए।

अयोध्या संत समिति के महासचिव पवन दास शास्त्री ने बताया कि सनातन परंपरा में नौतपा को आध्यात्मिक रूप से एक महत्वपूर्ण काल माना जाता है।

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ”जब ज्येष्ठ माह में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उसके बाद के नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान किए गए दान, अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधनाओं से कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है।” भाषा सलीम सं. शोभना

शोभना


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