बरेली हिंसा के गवाह की हत्या की सुपारी लेने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार
बरेली हिंसा के गवाह की हत्या की सुपारी लेने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार
बरेली (उप्र) चार जनवरी (भाषा) बरेली में पिछले वर्ष हुई हिंसा के अहम गवाह की हत्या के लिए सुपारी लेने वाले एक शातिर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार अपराधी के पास से तमंचा, कारतूस और सुपारी के तौर पर अग्रिम मिले 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक (यातायात) मोहम्मद अकमल खान और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने रविवार शाम पुलिस लाइन सभागार में यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार पुराना शहर चक महमूद निवासी मोहम्मद फिरदौस खां उर्फ अजुम ने 26 सितंबर 2025 को बरेली में हुई हिंसा के दौरान दंगाइयों की पहचान कर पुलिस और प्रशासन की मदद की थी। इसी बात से नाराज कुछ लोग उनसे रंजिश रखने लगे।
उसने बताया कि 18 दिसंबर को फिरदौस को चमगादड़ वाले बाग में घेरकर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन बाद फिरदौस को जानकारी मिली कि उनकी हत्या की सुपारी पीलीभीत के कुख्यात बदमाश फुरकान को पांच लाख रुपये में दे दी गई है। इसके बाद अनजान नंबरों से कॉल आने लगे। पूरा परिवार दहशत में आ गया और आखिरकार पुलिस से गुहार लगाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज होते ही बारादरी पुलिस हरकत में आई और शनिवार की देर रात नकटिया इलाके से आरोपी फुरकान को गिरफ्तार कर लिया। वह कैंट क्षेत्र में किराए के कमरे में रहकर मारिया फ्रोजन मीट फैक्टरी के पास चाय का खोखा चलाता था और वहीं से गवाह की रेकी कर रहा था। पुलिस ने उसकी पत्नी की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली तो एक थैले से तमंचा, दो कारतूस और नकदी बरामद हुई।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में फुरकान ने कबूला कि जेल में उसकी पहचान आईएमसी से जुड़े कुछ नेताओं से हुई थी। वहीं से गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। आरोपी ने यह भी बताया कि जेल में बंद लोगों के इशारे पर ही उसे काम सौंपा गया था।
पुलिस के मुताबिक फुरकान कोई नया नाम नहीं है। उस पर पीलीभीत और बरेली के अलग-अलग थानों में लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर अधिनियम और सशस्त्र अधिनियम समेत करीब एक दर्जन संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पिछले साल 26 सितंबर 2025 को बरेली में ‘‘आई लव मोहम्मद’’ मामले को लेकर बवाल हो गया जिसमें इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार किया गया और अभी भी वह जेल में हैं।
भाषा सं आनन्द धीरज
धीरज

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