प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
Modified Date: April 25, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: April 25, 2026 5:17 pm IST

लखनऊ, 25 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई से देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे देश की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने चार प्रमुख पैकेज में विभाजित कर तेजी से पूरा कराया है।

इस परियोजना को ‘मल्टी-पैकेज’ मॉडल के तहत क्रियान्वित किया गया, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सका। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की सख्त निगरानी में इसे चार हिस्सों में बांटकर अलग-अलग एजेंसियों से समानांतर रूप से कार्य कराया गया।

बयान में कहा गया कि पहला पैकेज 129.70 किलोमीटर लंबा है, जिसकी लागत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक है। दूसरा पैकेज 151.70 किलोमीटर का है और इसकी लागत भी करीब 9,000 करोड़ रुपये है। तीसरा पैकेज 155.70 किलोमीटर लंबा है, जिसकी लागत लगभग 9,000 करोड़ रुपये है। चौथा और सबसे लंबा पैकेज 156.847 किलोमीटर का है, जिसकी लागत करीब 9,500 करोड़ रुपये है।

यूपीडा ने डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण के सभी स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी। नियमित समीक्षा और जमीनी स्तर पर निगरानी के चलते सभी पैकेज निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़े।

बयान में कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देंगे।

यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्सों से जोड़ेगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, उद्योगों को बेहतर संपर्क मिलेगा और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भाषा

आनन्द रवि कांत


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