बलात्कार, जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार केजीएमयू चिकित्सक की हिरासत का अनुरोध कर सकती है पुलिस

बलात्कार, जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार केजीएमयू चिकित्सक की हिरासत का अनुरोध कर सकती है पुलिस

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  • Publish Date - January 11, 2026 / 12:18 AM IST,
    Updated On - January 11, 2026 / 12:18 AM IST

लखनऊ, 10 जनवरी (भाषा) पुलिस यौन शोषण, धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के आरोप में गिरफ्तार लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक की अदालत से हिरासत का अनुरोध कर सकती है। शनिवार को सूत्रों ने यह जानकारी दी।

लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार शाम को 50 हज़ार रुपये के इनामी नाइक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस नाइक को हिरासत में लेकर कथित अपराधों से पहले की घटनाओं की भी छानबीन करेगी।

उन्होंने कहा, ‘इस दौरान हम घटना से पहले की परिस्थितियों, शिकायतकर्ता की आरोपी से बातचीत, अपराध की कथित योजना और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेंगे।’

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की कथित धर्मांतरण और गर्भपात से संबंधित आरोपों में संलिप्तता की भी जांच होगी और उससे परिवार के सदस्यों, जिनमें उसके पिता भी शामिल हैं, की भूमिका के बारे में जांचकर्ता पूछताछ कर सकते हैं। आरोपी चिकित्सक के पिता पर कई महिलाओं से विवाह करने और उनका अवैध धर्मांतरण कराने में शामिल होने का आरोप है।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए हिरासत अवधि के दौरान मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।

केजीएमयू की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने नाइक पर अपनी शादी छिपाने, शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने, जबरन गर्भपात कराने, धमकी देने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है।

उसके खिलाफ बलात्कार, आपराधिक धमकी और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 सहित कई आरोपों के तहत 22 दिसंबर को मामला दर्ज किया गया था।

केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने शुक्रवार को बताया कि नाइक को 22 दिसंबर को निलंबित कर दिया गया था और उसके परिसर में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की सात सदस्यीय आंतरिक समिति ने उसके खिलाफ सभी आरोपों को सही पाया और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय को उसकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजा है, जो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से जूनियर रेजिडेंसी में उसका दाखिला रद्द करने की सिफारिश कर सकता है।

पुलिस ने इससे पहले नाइक की गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। उसके माता-पिता को पांच जनवरी को हिरासत में लिया गया था।

भाषा चंदन आनन्द सिम्मी

सिम्मी