अमेठी जिले में महिला बीएलओ से कथित विवाद को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा

अमेठी जिले में महिला बीएलओ से कथित विवाद को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा

अमेठी जिले में महिला बीएलओ से कथित विवाद को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा
Modified Date: February 6, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: February 6, 2026 5:54 pm IST

अमेठी (उप्र) छह फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के विधानसभा क्षेत्र अमेठी के ठेंगहा गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कथित तौर पर एक महिला बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से विवाद के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।

शुक्रवार को मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने पार्टी पदाधिकारीयों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

दरअसल चार फरवरी को एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने बुधवार को जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी पर एक कार्यक्रम के दौरान फॉर्म-7 भरने का दबाव डाला गया, उन्हें धमकी दी गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जब उन्होंने बीच-बचाव किया तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। कांग्रेस नेता की पत्नी बूथ सतरीय अधिकारी (बीएलओ) हैं।

संबंधित बीएलओ और कांग्रेस जिला सचिव राकेश मौर्य द्वारा अमेठी के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आशीष सिंह को दी गई शिकायत के अनुसार, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने उनकी पत्नी और बीएलओ सुभद्रा को ठेंगहा गांव में एक कार्यक्रम में बुलाया था, जहां उन पर फॉर्म सात भरने का दबाव डाला गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

उधर, चार फरवरी को ही इस मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पांच फरवरी को समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम उदित यादव ने जिलाधिकारी अमेठी से मुलाकात कर एक ज्ञापन दिया और इस मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग की।

भारतीय जनता पार्टी की अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने आज पार्टी पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी संजय चौहान से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस पार्टी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान खुलेआम धांधली, फर्जी नाम जुड़वाने और दलित-पिछड़ा-सामान्य वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर कटवाने का गंभीर आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि अमेठी में कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र को कुचलने, बूथ कब्जा कराने और फर्जी मतदान के सहारे चुनाव जीतने का रहा है। कांग्रेस को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वह हर चुनाव में वोट चोरी का रास्ता अपनाती है।”

सुधांशु शुक्ला ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में कांग्रेस सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी नाम जुड़वा रही है और भाजपा समर्थक, दलित, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाने का षड्यंत्र रच रही है।

उन्होंने चार फरवरी 2026 की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम ठेंगहा, तहसील अमेठी, बूथ संख्या 207 व 208 पर पुनरीक्षण अभियान के दौरान कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव राकेश कुमार मौर्य एवं उनकी पत्नी (जो किसी अन्य बूथ की बीएलओ हैं) ने कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने, फॉर्म भरने से रोकने और माहौल खराब करने की कोशिश की। विरोध होने पर वे वहां से भाग खड़े हुए।

इस मामले में जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा है कि मामले की जांच अमेठी के उप जिलाधिकारी को सौंपी गई है रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

भाषा सं आनन्द रंजन

रंजन


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