चुनावी राज्यों में गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं का ‘त्रस्‍त जीवन’ असली मुद्दा: मायावती

चुनावी राज्यों में गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं का ‘त्रस्‍त जीवन’ असली मुद्दा: मायावती

चुनावी राज्यों में गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं का ‘त्रस्‍त जीवन’ असली मुद्दा: मायावती
Modified Date: August 14, 2023 / 01:16 pm IST
Published Date: August 14, 2023 1:16 pm IST

लखनऊ, 14 अगस्त (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने सोमवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के पक्ष में अच्‍छे परिणाम की उम्मीद जताते हुए कहा कि इन तीनों राज्यों में असली मुद्दे गरीबों, बेरोजगारों, किसानों व महिलाओं का ‘त्रस्त जीवन’ है और इन्हीं मुद्दों पर उनकी पार्टी अकेले दम पर चुनाव में उतरेगी।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सोमवार को सवाल उठाते हुए लिखा, ‘‘मध्यप्रदेश सरकार में 50 प्रतिशत कमीशनखोरी के आरोप को लेकर कांग्रेस व भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप, मुकदमों आदि की राजनीति से कमरतोड़ महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, शोषण-अत्याचार आदि जनहित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों का चुनाव के समय पीछे छूट जाना कितना उचित? ऐसा क्यों?’’

अपने सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि भाजपा-शासित मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि कांग्रेस शासित राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भी भ्रष्टाचार अहम मुद्दा है।

उन्होंने कहा, ‘‘किन्तु इनकी जनविरोधी नीतियों व विकास के हवा-हवाई दावों के कारण सर्व समाज के गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं आदि का त्रस्त जीवन इन तीनों राज्यों में असली चुनावी मुद्दे हैं।’’

उन्होंने कहा कि बसपा इन तीनों राज्यों में भाजपा व कांग्रेस सरकारों के खिलाफ जनहित व जनकल्याण के खास मुद्दों को लेकर अकेले अपने बूते पर विधानसभा का यह चुनाव लड़ रही है।

उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर उम्मीदवारों के नाम भी स्थानीय स्तर पर घोषित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी को भरोसा है कि वह अच्छे परिणाम हासिल करेगी।’’

भाषा आनन्‍द मनीषा ब्रजेन्द्र

ब्रजेन्द्र


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