Puch AI MOU Controversy: 50 लाख की रेवेन्यू वाली कंपनी के साथ कैसे हो सकती है 25 हजार करोड़ की डील? Puch AI विवाद की सीएम योगी ने बताई सच्चाई, जानें यहां सबकुछ
Puch AI MOU Controversy: उत्तर प्रदेश में 25,000 करोड़ रुपए के MoU की ख़बर ने टेक वर्ल्ड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
Puch AI MOU Controversy/Image Credit: IBC24.in
- उत्तर प्रदेश में AI को लेकर बड़ा ऐलान हुआ।
- इसके साथ ही विवाद भी शुरू हो गया है।
- यह डील भारत के सबसे बड़े AI इकोसिस्टम की नींव रखती दिखती है।
Puch AI MOU Controversy: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में AI को लेकर बड़ा ऐलान हुआ और इसके साथ ही विवाद भी शुरू हो गया है। 25,000 करोड़ रुपए के MoU की ख़बर ने टेक वर्ल्ड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। पहली नजर में यह डील भारत के सबसे बड़े AI इकोसिस्टम की नींव रखती दिखती है, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, कहानी और दिलचस्प होती जा रही है।
आपकी जानाकरी के लिए बता दें कि, उत्तर प्रदेश सरकार ने Puch AI (पूछ एआई) नाम की एक स्टार्टअप के साथ समझौता किया है। वहीं इस डील के तहत राज्य में AI पार्क, डेटा सेंटर, AI यूनिवर्सिटी और बड़े स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है। सरकार का दावा है कि इससे उत्तर प्रदेश को AI प्रदेश बनाया जाएगा। एक ऐसा हब होगा जहां टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट एक साथ आगे बढ़ेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक नई और शुरुआती स्टेज की कंपनी है, जिसकी मौजूदगी अभी टेक इंडस्ट्री में बहुत बड़ी नहीं मानी जाती। (Puch AI MOU Controversy) कंपनी का फोकस AI को WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों तक पहुंचाने पर है, यानी विजन बड़ा है, लेकिन स्केल और ट्रैक रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठने लगे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस MoU के बारे में पोस्ट किया। इस पोस्ट पर कई कॉमेंट्स आने लगे। बताया गया कि इस कंपनी का रेवेन्यू ही 50 लाख का है। ऐसे में सरकार इस कंपनी के साथ 25 हजार करोड़ रुपए का MoU कैसे साइन कर सकती है। जैसे ही ₹25,000 करोड़ की डील की खबर सामने आई, टेक एक्सपर्ट्स और स्टार्टअप कम्युनिटी में चर्चा शुरू हो गई. कई लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम का MoU एक नई कंपनी के साथ क्यों किया गया? क्या इसके लिए कोई बिडिंग हुई थी? क्या कंपनी के पास इतने बड़े प्रोजेक्ट को एग्जिक्यूट करने की क्षमता है?
New Uttar Pradesh is embracing the power of Artificial Intelligence.
A ₹25,000 Crore MoU with Puch AI will bring AI Parks, large-scale data center infrastructure, AI Commons, and an AI University to the state.
This initiative will strengthen governance, drive innovation, and…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 23, 2026
यहां तक की X पर योगी आदित्यनाथ के पोस्ट के नीचे एक फैक्ट चैक लेबल दिख रहा है। X पर मुख्यमंत्री के इस पोस्ट के नीचे एक लेबल ऐड हो गया। ये X का लेबल है जो फैक्ट चेक के लिए होता है। इस लेबल में लिखा है कि PuchAI एक साल पुरानी कंपनी है और इसका रेवेन्यू 50 लाख पर ईयर है। इनके पास इतने बड़े स्केल का MoU एग्जिक्यूट (Puch AI MOU Controversy) करने की कैपिब्लिटी नहीं है. इससे पहले भी इस कंपनी के फाउडर वायरल कॉन्ट्रोवर्सी में रहे हैं. क्योंकि उन्होंने 20 बिलियन डॉलर में Perplexity खरीदने का प्रोपोजल भी दिया था।
योगी आदित्यनाथ को देनी पड़ी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने X पर उसी पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए साफ कहा कि यह कोई सीधे पैसे देने वाली डील नहीं है, बल्कि एक MoU यानी समझौता है। योगी ने कहा कि ₹25,000 करोड़ का मतलब यह नहीं है कि सरकार इतनी रकम खर्च कर रही है, (Puch AI MOU Controversy) बल्कि यह एक प्रोपोज्ड इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट है, जिसे अलग-अलग फेज में लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी सरकार AI और नई टेक्नोलॉजी में निवेश लाने के लिए ओपन है और यह कदम राज्य को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में उठाया गया है।
An MoU by Invest UP is a preliminary step before detailed due diligence and project evaluation gets done.
The MoU with Puch AI is similarly an initiation of the process by Invest UP to explore potential in the AI sector.
MoUs are non-binding on the State Government. Any… https://t.co/f0sEL4hU9x
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 24, 2026
Puch AI की तरफ से आया ये बयान
कंपनी की तरफ से भी सफाई दी गई कि उनका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आम लोगों तक पहुंचाना है। उनका मॉडल ट्रेडिशनल AI कंपनियों से अलग है। जहां बड़े एंटरप्राइज सॉल्यूशन के बजाय WhatsApp, वॉस और लोकल लैंग्वेज के जरिए AI को डेमोक्रेटाइज किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि वह यूपी में AI पार्क और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए पार्टनर्स के साथ काम करेगी, और यह कोई अकेले कंपनी का प्रोजेक्ट नहीं होगा।
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