राम मंदिर के लिए अपने घरेलू जीवन और करियर का बलिदान किया: चंपत राय के भाई

राम मंदिर के लिए अपने घरेलू जीवन और करियर का बलिदान किया: चंपत राय के भाई

राम मंदिर के लिए अपने घरेलू जीवन और करियर का बलिदान किया: चंपत राय के भाई
Modified Date: June 29, 2026 / 05:02 pm IST
Published Date: June 29, 2026 5:02 pm IST

बिजनौर, 29 जून (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय के भाई सुनील बंसल ने सोमवार को राम मंदिर में दान के कथित गबन के मामले में कहा कि उनके भाई ने राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्र की सेवा के लिए अपने घरेलू जीवन व करियर दोनों का बलिदान दे दिया।

बिजनौर जिले के नगीना के निवासी और चंपत राय के भाई सुनील बंसल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उनके भाई ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्रीय सेवा के लिए समर्पित कर दिया था।

राम मंदिर में दान की बड़ी रकम के कथित गबन के बाद चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।

सुनील बंसल ने बताया कि चंपत राय ने 1972 में धामपुर के आरएसएम डिग्री कॉलेज में भौतिकी के व्याख्याता के रूप में शामिल होने से पहले 1970-71 के दौरान रोहतक में एक शिक्षक के रूप में काम किया था।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जब चंपत राय पढ़ा रहे थे तब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कॉलेज आई थी हालांकि उन्होंने बाद में स्थानीय थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।

बंसल ने कहा कि चंपत राय ने 1980-81 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और उसके बाद खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने अपने भाई के खिलाफ आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि चंपत राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राम मंदिर आंदोलन और देश की सेवा के लिए ‘सब कुछ’ त्याग दिया।

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र


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