बुर्का पहनी महिला मतदाताओं की पहचान संबंधी निर्देश को वापस ले निर्वाचन आयोग: सपा
बुर्का पहनी महिला मतदाताओं की पहचान संबंधी निर्देश को वापस ले निर्वाचन आयोग: सपा
लखनऊ, 13 अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बुर्का पहनी महिला मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें मतदान की अनुमति देने से पहले सत्यापन करने संबंधी निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सोमवार को आपत्ति जताई और कहा कि यह कदम पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ है।
सपा ने आयोग से इस कदम को वापस लेने की मांग की।
सपा ने एक बयान जारी कर कहा कि बुर्का पहनी महिला मतदाताओं की पहचान आंगनवाड़ी सेविकाओं से कराये जाने और जांच के बाद ही उन्हें मतदान करने सम्बन्धित निर्वाचन आयोग के नये निर्देश वापस लिए जायें ताकि देश में पारदर्शी, स्वतंत्र, भयमुक्त निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो सके।
निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को बिहार विधानसभा चुनाव में इस निर्देश को सख्ती से लागू करने और आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में भी इन नियमों को लागू करने को कहा है।
सपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने लखनऊ में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि ज्ञानेश कुमार द्वारा जारी निर्देश ‘आयोग के नियमों के विपरीत’ हैं।
ज्ञापन में निर्वाचन अधिकारियों के लिए आयोग की पुस्तिका (पृष्ठ 143, पैराग्राफ 13.6.9) का हवाला दिया गया, जो मतदान अधिकारियों को मतदान के दिन मतदाता पहचान पत्रों की जांच करने का अधिकार देता है।
ज्ञापन के मुताबिक, “नया निर्देश निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता व पारदर्शिता पर सवाल उठाता है और एक खास समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाता प्रतीत होता है। यह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है।”
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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