संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई 29 सितंबर तक टली
संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई 29 सितंबर तक टली
संभल (उप्र), 25 अगस्त (भाषा) संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई 29 सितंबर तक टाल दी गई है। एक अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के दावे को लेकर चंदौसी स्थित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की अदालत में सोमवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक (स्टे) लगे होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई और अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की गई।
मामले में मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने 19 मई को निचली अदालत के सर्वे के आदेश को बरकरार रखते हुए सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया था। इसके बाद यह मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जहां स्टे लगा हुआ है।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने पत्रकारों को बताया, ‘सर्वोच्च न्यायालय का स्टे है, इसलिए आज कोई कार्यवाही नहीं हुई और अब अगली तारीख 29 सितंबर तय की गई है।’
उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने वाद दायर किया था। उसके आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष उच्च न्यायालय गया और उच्च न्यायालय ने 19 मई 2025 को सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल के आदेश को वैध ठहराया। उच्च न्यायालय के इसी आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष उच्चतम न्यायालय गया है।
शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय में स्टे के चलते अदालत ने अगली तारीख 29 सितंबर नियत की है।
गौरतलब है कि 19 नवंबर, 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित आठ लोगों ने जिला अदालत में याचिका दायर कर शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा किया था। उसी दिन मस्जिद का सर्वे किया गया और 24 नवंबर को टीम दोबारा सर्वे करने पहुंची थी।
सर्वेक्षण के दौरान 24 नवंबर 2024 को संभल में भारी बवाल हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था, जबकि 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
भाषा सं आनन्द मनीषा रंजन
रंजन

Facebook


