सिख समाज के लोगों ने जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने के आदेश का किया विरोध

सिख समाज के लोगों ने जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने के आदेश का किया विरोध

सिख समाज के लोगों ने जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने के आदेश का किया विरोध
Modified Date: July 21, 2026 / 08:41 pm IST
Published Date: July 21, 2026 8:41 pm IST

रामपुर (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश के खिलाफ मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर के नेतृत्व में सिख समाज के लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर आरडीए के हुक्म का विरोध जताया।

इन लोगों ने शासन-प्रशासन की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि द्वेष भावना के चलते जौहर विश्वविद्यालय को निशाना बनाया जा रहा है।

भुल्लर ने संवाददाताओं से कहा कि नौजवान जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए सड़कों पर हैं और सिख समाज के लोग उनका मनोबल बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे हैं।

उन्होंने दावा किया कि जौहर विश्वविद्यालय ग्राम समाज की भूमि पर बना है और इसका नक्शा भी पास है मगर सरकार बदले की भावना से शिक्षा के मंदिर को खत्म करना चाहती है लेकिन सिख समाज के लोग ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे।

भुल्लर ने कहा कि सपा कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने का विरोध जता रहे हैं और पार्टी इस विश्वविद्यालय को बचाने के लिये हर जतन करेगी।

इस बीच, विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने के राम विकास प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ यूनिवर्सिटी के गेट संख्या चार पर छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन आज चौथे दिन भी जारी रहा। वे मांग कर रहे हैं कि आरडीए जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बुलडोजर चलाकर ढहाने के अपने आदेश को वापस ले।

विश्वविद्यालय द्वार पर बैठी उत्तराखंड की छात्रा इकरा ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय में किसी तरह की अनियमितता है तो सरकार उस पर जुर्माना लगाकर उसका विनियमितीकरण कर सकती है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि विश्वविद्यालय को न तोड़ा जाए क्योंकि इससे इस संस्थान में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा।

विश्वविद्यालय में फार्मेसी के छात्र मोहम्मद शोएब और मोहम्मद शावेज ने बताया कि उनकी मांग है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को तोड़ने के आदेश को फौरन वापस लिया जाए ताकि उसमें अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर का सामना किया जाएगा और भूख हड़ताल भी की जाएगी।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने हाल में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को आरडीए से अनुमोदन लिये बगैर बनायी गयी करार देते हुए बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया था।

इसके अलावा लोक निर्माण विभाग ने भी जौहर विश्वविद्यालय के गेट और उसके अंदर बनी चार लेन की मुख्य सड़क को आम रास्ता घोषित करते हुए उस पर लगाये गये गेट को अवैध करार दिया है। साथ ही अग्निशमन और आयकर विभाग ने भी अनियमितताओं के चलते नोटिस जारी किए हैं, जिसके चलते विश्वविद्यालय में काफी हलचल है।

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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