हिमाचल प्रदेश के बाबा बालक नाथ मंदिर में कथित अनियमितताओं के बाद एसओपी में बदलाव किया जाएगा

हिमाचल प्रदेश के बाबा बालक नाथ मंदिर में कथित अनियमितताओं के बाद एसओपी में बदलाव किया जाएगा

हिमाचल प्रदेश के बाबा बालक नाथ मंदिर में कथित अनियमितताओं के बाद एसओपी में बदलाव किया जाएगा
Modified Date: October 18, 2025 / 07:24 pm IST
Published Date: October 18, 2025 7:24 pm IST

हमीरपुर (हिप्र), 18 अक्टूबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर में जल्द ही नई प्रशासनिक प्रक्रियाएं स्थापित की जाएंगी तथा काशी विश्वनाथ और माता वैष्णो देवी ट्रस्ट की तर्ज पर एक ‘‘पारदर्शी’’ प्रणाली लागू करने की तैयारी चल रही है।

मंदिर ट्रस्ट के एक प्रवक्ता ने इस महीने की शुरुआत में ट्रस्ट के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए शनिवार को बताया कि जिला प्रशासन मंदिर के चढ़ावे, सामग्री की बिक्री और आय-व्यय प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता को स्वीकार किया है और इसे सुनिश्चित करने के लिए एक नई डिजिटल प्रणाली लागू की जाएगी।

नये मानक संचालन प्रक्रिया के तहत, प्रत्येक गिनती के बाद एक मुद्रित पर्ची जारी की जाएगी, जिसमें नोटों की संख्या और कुल राशि का विवरण होगा। इसका सत्यापन मैनुअल रूप से भी किया जाएगा। प्रत्येक बंडल को एक प्लास्टिक सील से पैक किया जाएगा, जिस पर नोटों की संख्या और राशि दर्ज होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस नयी प्रक्रिया से अनियमितताओं या मानवीय भूल की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

हमीरपुर जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिद्ध बाबा बालकनाथ एक हिंदू देवता हैं, जिनकी उत्तर भारतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा तथा केंद्र शासित प्रदेश- चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर में प्रमुखता से पूजा की जाती है। उनके मंदिर को ‘दियोटसिद्ध’ के नाम से जाना जाता है।

पैसों के अलावा, भक्त बाबा बालकनाथ को घी, आटा, रोट (घर की बनी मिठाई) और अन्य वस्तुएं भी चढ़ाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ट्रस्ट पर पहले भी इन वस्तुओं की बिक्री और नीलामी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और जिला प्रशासन दियोटसिद्ध में उनके ‘‘सफल मॉडल’’ को लागू करने के लिए अन्य मंदिर ट्रस्टों के प्रबंधन का अध्ययन कर रहा है।

मंदिर न्यास आयुक्त एवं हमीरपुर के उपायुक्त अमरजीत सिंह तथा एडीसी अभिषेक गर्ग दिवाली के बाद दियोटसिद्ध का दौरा कर व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि उसी समय नयी एसओपी को अंतिम रूप दिया जाएगा।

गर्ग ने योजना की पुष्टि की और कहा कि चढ़ावे की गणना को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।

इस बीच, मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने कहा कि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की 65 करोड़ रुपये की जीर्णोद्धार परियोजना के लिए रास्ता साफ करने हेतु बाबा बालकनाथ मंदिर की पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करना है।

पुरानी इमारतों को ध्वस्त करने के बाद यह परियोजना लगभग दो से ढाई साल में पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि एडीबी परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और आवश्यक सामग्री आनी शुरू हो गई है।

इस परियोजना के तहत, मुख्य सड़क के किनारे लगभग 250 वाहनों के लिए आठ मंजिला पार्किंग स्थल बनाया जाएगा, जिसमें लिफ्ट की सुविधा भी होगी।

अधिकारियों के अनुसार, सराय नंबर-सात को ध्वस्त करके उसकी जगह चार मंजिला पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े कक्ष बनाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि पुस्तकालय, संग्रहालय और आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए चार मंजिला एक इमारत भी बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, एक प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रैंप भी बनाए जाएंगे।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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