श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर रुख स्पष्ट करें सपा प्रमुख अखिलेश यादव: मुख्यमंत्री योगी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर रुख स्पष्ट करें सपा प्रमुख अखिलेश यादव: मुख्यमंत्री योगी
हाथरस, 28 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो अब उन्हें मथुरा के बारे में भी बोलना चाहिए।
अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर जारी जांच के बीच शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या को एक ‘‘बेमिसाल’’ धार्मिक व पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेंगे।
योगी ने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लेते हुए तंज कसा, ‘‘अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन आपमें (अखिलेश में) हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं रखा है।’’
योगी ने जोर देकर कहा, ‘‘बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अखिलेश यादव एक बयान में कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक को रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ तो क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।’’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई है।’’
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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