विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सपा सदस्यों का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए आरोप

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विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सपा सदस्यों का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए आरोप

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 10:36 AM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 10:36 AM IST

लखनऊ, 30 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र से पहले बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।

बाद में पार्टी के सदस्य विधान भवन के गेट के सामने सड़क पर भी उतरे और प्रदर्शन किया। सपा सदस्यों के हाथों में ‘33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करो’ लिखे बैनर थे।

सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने संवाददाताओं से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है और वह निर्वाचन क्षेत्र का अपने मन मुताबिक परिसीमन करने के लिए ही इस कानून का फायदा महिलाओं को नहीं देना चाहती।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इस मुद्दे पर बेनकाब हो चुकी है। वह शुरुआत से ही महिला विरोधी रही है। हमारे नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव हैं जिन्होंने हमेशा महिलाओं के अधिकार की बात की।’’

प्रदर्शन में शामिल सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने महिला आरक्षण कानून तुरंत लागू करने की मांग करते हुए कहा कि जो कानून वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है उसे भाजपा क्यों नहीं लागू कर रही है। उन्होंने मांग की की वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण कानून के अनुरूप कराया जाए।

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा, ‘‘हम महिला आरक्षण लागू करने के पक्षधर हैं। संसद के दोनों सदनों से 2023 में ही महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है। हमारा महिला आरक्षण पर कोई विरोध नहीं है। भाजपा नारी सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है।’’

सपा विधायक कमाल अख्तर ने भी कहा कि जब 2023 में संसद में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण कानून पारित किया जा चुका है तो भाजपा इसे लेकर गुमराह क्यों कर रही है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र आज आयोजित किया जाएगा जिसमें सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के लिए विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी। इसका उद्देश्य 2027 चुनाव से पहले विपक्ष को महिला विरोधी के रूप में घेरना है। वहीं, विपक्ष इसका पुरजोर विरोध कर रहा है।

भाषा सलीम सुरभि

सुरभि