सपा की छात्र इकाई ​​ने नीली टी-शर्ट, जींस को नये ‘ड्रेस कोड’ के तौर पर अपनाया : अखिलेश

सपा की छात्र इकाई ​​ने नीली टी-शर्ट, जींस को नये ‘ड्रेस कोड’ के तौर पर अपनाया : अखिलेश

सपा की छात्र इकाई ​​ने नीली टी-शर्ट, जींस को नये ‘ड्रेस कोड’ के तौर पर अपनाया : अखिलेश
Modified Date: September 8, 2026 / 06:17 pm IST
Published Date: September 8, 2026 6:17 pm IST

लखनऊ, आठ सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि पार्टी की छात्र इकाई ‘छात्र सभा’ ने नीली टी-शर्ट और जींस को नये ‘ड्रेस कोड’ के तौर पर अपनाया है। उन्होंने बताया कि ‘छात्र सभा’ युवाओं को जोड़ने के लिए शिक्षण संस्थानों में दो हफ्ते का छात्र जागरूकता अभियान भी आयोजित करेगी।

अखिलेश ने लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘छात्र सभा’ न केवल छात्रों को सदस्य के रूप में जोड़ने के लिए उनसे संपर्क करेगी, बल्कि उन्हें सपा की विचारधारा और समाजवादी मूल्यों से भी अवगत कराएगी।

उन्होंने कहा, “नयी पीढ़ी की नयी सोच है, इसलिए नयी वर्दी भी होनी चाहिए। ‘छात्र सभा’ के हमारे कार्यकर्ता नीली टी-शर्ट और जींस वाली नयी वर्दी पहनकर छात्रों और युवाओं के बीच जाएंगे तथा उन्हें पार्टी से जोड़ेंगे।”

अखिलेश ने बताया कि दो हफ्ते का छात्र जागरूकता अभियान भी आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत ‘छात्र सभा’ के कार्यकर्ता विश्वविद्यालयों, कॉलेज और छात्रावासों का दौरा करेंगे।

उन्होंने बताया, “कार्यकर्ता न केवल छात्रों को ‘छात्र सभा’ का सदस्य बनाएंगे, बल्कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा भी उन तक पहुंचाएंगे और उन्हें समझाएंगे कि वे पार्टी से कैसे जुड़ सकते हैं।”

अखिलेश ने कहा कि वर्दी केवल पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी की विचारधारा और मूल्यों को भी दर्शाती थी।

उन्होंने कहा, “जब हम समान वर्दी पहनते हैं, तो असमानता खत्म हो जाती है और एकरूपता का भाव दिखता है। वर्दी एकरूपता लाती है।”

‘छात्र सभा’ के नये ‘ड्रेस कोड’ के लिए नीले रंग को चुने जाने के पीछे की वजह बताते हुए अखिलेश ने कहा कि नीला रंग विचारधारा, लोकतंत्र, संविधान, आकाश, ‘बहुजन समाज’ और बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ा हुआ है।

इससे पहले, ‘छात्र सभा’ के कार्यकर्ता लाल शर्ट या कुर्ता पहनते थे।

अखिलेश ने नीली जींस को ऐतिहासिक रूप से श्रमिकों से जुड़ा और अन्याय के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक भी बताया।

उन्होंने कहा, “जींस, खासकर नीली जींस को अन्याय के खिलाफ बगावत और विरोध का प्रतीक माना जाता है। इन्हें मूल रूप से कारखानों, खदानों और खेतों में काम करने वाले लोग पहनते थे। आज नयी पीढ़ी में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा, जो जींस न पहनता हो।”

अखिलेश ने कहा कि नीले रंग की वर्दी अपनाने का पार्टी का मकसद युवाओं के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक सिद्धांतों, भाईचारे और वैश्विक नागरिकता की भावना को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा, “पीडीए का मतलब प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और सकारात्मक सोच से भी है। यह लोगों को एक साथ लाने, भाईचारा बढ़ाने, सामाजिक सद्भाव एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और संविधान का पालन करने के बारे में है।”

सपा प्रमुख ने कहा, “पीडीए का मतलब ‘प्रेम, दया और अपनेपन’ की भावना से भी है। हमारे अंदर जितना अधिक प्रेम, दया और अपनापन होगा, उतने ही ज्यादा लोग पार्टी और ‘छात्र सभा’ में शामिल होंगे।”

अखिलेश ने पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़ने के सपा के प्रयासों के तहत पीडीए का नारा दिया था।

भाषा

अभिनव जफर पारुल

पारुल


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