सत्र की कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें सभी सदस्य: योगी की अपील

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सत्र की कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें सभी सदस्य: योगी की अपील

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 04:46 PM IST

लखनऊ, नौ फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल आज से बजट सत्र प्रारंभ कर रहा है और यह उनकी सरकार का 10वां बजट है।

उन्होंने एक बार फिर सभी सदस्यों से अपील की कि सदन की गरिमा बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘परंपराओं के अनुसार बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र के दो महत्वपूर्ण एजेंडे होते हैं-पहला राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा सामान्य बजट।’’

सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समवेत सदन को संबोधित करते हुए अभिभाषण दिया। हालांकि, इस दौरान विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। यादि किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद इस पर चर्चा होगी। बजट सत्र नौ फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।’’

उन्होंने यह भी बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद सदन के पटल पर उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘पहली बार कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस तरह प्रस्तुत करने जा रही है। राज्य को ‘बीमारू’ स्थिति से निकालकर भारत की अर्थव्यवस्था के ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में स्थापित किया गया है।’’

योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार जनप्रतिनिधियों और जनता को भी है। प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से पिछले पांच वर्षों से लगातार उत्तर प्रदेश राजस्व के लिहाज से अधिशेष राज्य बनाए रखने जैसे सभी पहलुओं को आर्थिक सर्वेक्षण में शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट सदस्यों के लिए डेटा आधारित चर्चा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने और प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा कर राज्यहित में आवश्यक कदम उठाने के लिए सदैव तत्पर है।’’

उन्होंने विपक्षी सदस्यों से भी अपील की कि कार्यवाही बाधित न की जाए और अनावश्यक शोरगुल से बचा जाए।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में विधानमंडल की कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं।

आदित्यनाथ ने सभी दलों के सदस्यों से अपील की कि विधायिका के शीर्ष मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा को आगे बढ़ाया जाए।

भाषा जफर खारी

खारी