शाहजहांपुर (उप्र), 25 फरवरी (भाषा) शाहजहांपुर जिले के एक गुरुकुल विद्यालय के विद्यार्थियों ने जेब खर्च के पैसे से हास्य अभिनेता राजपाल यादव की उस समय मदद की थी जब वह जेल में बंद थे।
बच्चों ने उनसे मिलने की इच्छा जताई थी परंतु जब राजपाल यादव उनसे मिलने नहीं आए इससे वे नाराज हो गए और उन्होंने अपनी नाराजगी का वीडियो प्रसारित कर दिया है।
हास्य फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘अभी तो हम आए हैं। घर परिवार के लोगों के साथ ठीक से बैठ भी नहीं पाए हैं। जिन लोगों ने हमारी मदद की है, हम उनकी जानकारी जुटा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा,‘‘जहां तक बच्चों से मिलने का सवाल है, हमें किसी ने बताया था कि वे अनाथ आश्रम के बच्चे हैं। मेरा मानना है कि अनाथ आश्रम के बच्चों को आश्रम मिल गया तो वह सनाथ हो गए हैं।’’
यादव को जब बताया कि वे गुरुकुल के बच्चे हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं गुरुवादी व्यक्ति हूं और वे बच्चे मेरे अपने बच्चे हैं। मैं उनसे मिलने जरूर आऊंगा। मैं उन्हें गले लगाकर उनके साथ फोटो भी खिंचवाऊंगा।’’
गुरुकुल के विद्यार्थियों ने 29 सेकंड के वीडियो में कहा है,‘‘नमस्ते राजपाल भैया। हमें पता चला है कि अब आप जेल से छूटकर घर वापस आ गए हैं। आपको बहुत-बहुत बधाई। हम सब आपसे मिलना चाहते हैं एवं जानना चाहते हैं कि हमारे द्वारा भेजी गई मदद आपको मिली या नहीं ? और अगर मिली है तो आपने हमारे पत्र का जवाब क्यों नहीं दिया? इसलिए हम सब आपसे बहुत नाराज हैं।’’
वीडियो में बच्चों ने कहा है,‘‘अगर आप हमसे मिलने नहीं आ सकते, तो कोई बात नहीं। कम से कम हम सबसे बात करके तसल्ली दे सकते थे, ताकि हम सब आपसे मिलने की आस छोड़ देते।’’
‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करती है।
गुरुकुल सेवा ट्रस्ट विद्यालय के अध्यक्ष कुमार सागर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बुधवार को बताया कि उनके विद्यालय के 40 विद्यार्थियों ने अपनी ‘पॉकेट मनी’ से पैसा इकट्ठा करके एक गुल्लक भरी थी जिसमें विद्यालय प्रशासन ने भी कुछ धनराशि मिलकर बाद में गुल्लक को डाक से राजपाल यादव के पैतृक गांव कुंडरा के पते पर 21 फरवरी को भेज दिया था।
उन्होंने बताया कि इस गुल्लक के साथ बच्चों ने पत्र भी भेजा था जिसमें उन्होंने जेल से छूटने के बाद उनसे मिलने की इच्छा व्यक्त की थी।
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से 2010 में पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था जिसे चुका न पाने के चलते उन्हें जेल भेजा गया था। जिस समय वह जेल में बंद थे उस समय बच्चों ने उनकी छोटी सी मदद की थी।
भाषा सं जफर
राजकुमार
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