मैनपुरी में ईद की नमाज़ की जगह को लेकर फैला तनाव, प्रशासन के दखल के बाद शांतिपूर्ण नमाज संपन्न
मैनपुरी में ईद की नमाज़ की जगह को लेकर फैला तनाव, प्रशासन के दखल के बाद शांतिपूर्ण नमाज संपन्न
मैनपुरी (उप्र), 23 मार्च (भाषा) मैनपुरी जिले के कुरावली कस्बे में ईद की नमाज़ की जगह को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद के बाद कुछ समय के लिए तनाव फैल गया, लेकिन प्रशासन ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार यह असहमति 21 मार्च को सामने आई, जब एक तबके ने ईदगाह के सामने सड़क पार पास के एक खेत में बने चबूतरे पर नमाज़ अदा करने की जिद की क्योंकि उसका दावा था कि पहले भी वहां नमाज़ अदा की जाती रही है।
पुलिस के मुताबिक दूसरे पक्ष के लोगों का कहना था कि नमाज़ ईदगाह परिसर के अंदर ही अदा की जानी चाहिए, जैसा कि पुरानी परंपरा रही है।
इस स्थिति के चलते कुछ स्थानीय लोगों एवं पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसके वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए।
पुलिस निरीक्षक (एसएचओ) ललित भाटी और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) नीरज कुमार द्विवेदी ने दखल दिया तथा लोगों को ईदगाह के अंदर ही नमाज़ अदा करने की पारंपरिक प्रथा का पालन करने की सलाह दी।
पुलिस के अनुसार समुदाय के बुज़ुर्गों और धार्मिक नेताओं के शामिल होने से यह मामला धीरे-धीरे सुलझ गया।
पुलिस के मुताबिक इस दखल के बाद सभी ने ईदगाह में ही नमाज़ अदा करने पर सहमति जताई, जिससे स्थिति सामान्य हो गई।
थाना प्रभारी भाटी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आखिरकार ईदगाह में ही शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई, जहां हर साल नमाज़ होती है।
द्विवेदी ने बताया कि शुरू में कुछ युवा दूसरी जगह पर नमाज अदा करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन और समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा समझाये जाने के बाद वे ईदगाह में ही नमाज अदा करने पर राज़ी हो गए।
कुरावली ईदगाह के इमाम आसिफ रज़ा असलम ने कहा कि यह विवाद एक ‘गलतफहमी’ के कारण पैदा हुआ था तथा पुलिस एवं प्रशासन की मदद से इसे आपसी सहमति से सुलझा लिया गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा करने या उन पर प्रतिक्रिया देने से बचें।
मैनपुरी की मुख्य ईदगाह के सज्जादानशीन अब्दुल रहमान किश्ती उर्फ बबलू मियां ने भी कहा कि अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के समय पर दखल से यह सुनिश्चित हुआ कि नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से अदा की जाए, जिससे कस्बे में सांप्रदायिक सौहार्द में कोई खलल नहीं पड़ा।
भाषा सं आनन्द राजकुमार
राजकुमार

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