राम मंदिर दान विवाद को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर नहीं हो सकी सुनवाई

राम मंदिर दान विवाद को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर नहीं हो सकी सुनवाई

राम मंदिर दान विवाद को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर नहीं हो सकी सुनवाई
Modified Date: June 18, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: June 18, 2026 9:58 pm IST

लखनऊ, 18 जून (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर में दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी।

यह मामला न्यायमूर्ति सौरभ लवनिया और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अवकाश पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, समय की कमी के चलते इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 22 जून की तिथि तय की गई है।

मोहित अशोक द्वारा दायर इस जनहित याचिका में राम मंदिर में दान की कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से इस संपूर्ण मामले का अंकेक्षण कराने का निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया है।

इस याचिका में श्रद्धालुओं के दान में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है और मंदिर के कोष प्रबंधन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।

भाषा सं राजेंद्र शफीक

शफीक


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