शुभेंदु के सहयोगी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति की मां ने बेटे को बेकसूर बताया

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति की मां ने बेटे को बेकसूर बताया

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति की मां ने बेटे को बेकसूर बताया
Modified Date: May 11, 2026 / 06:04 pm IST
Published Date: May 11, 2026 6:04 pm IST

बलिया, 11 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार व्यक्ति की मां ने सोमवार को दावा किया कि उसका बेटा बेकसूर है और इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आनंद नगर इलाके की निवासी और रसड़ा डाकघर में कार्यरत जामवंती सिंह ने अपने बेटे राज सिंह पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए उसके लिए न्याय की मांग की।

राज को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रथ की हत्या में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जामवंती ने आरोप लगाया कि जब वह और राज अयोध्या से लौट रहे थे, तब पुलिस ने दोनों को रास्ते में हिरासत में ले लिया। उसने कहा कि बाद में पुलिस ने उसे बताया कि राज को हवाई मार्ग से कोलकाता ले जाया जा रहा है।

जामवंती के मुताबिक, वह सात मई को राज के साथ लखनऊ गई थी, जहां उसे उत्तर प्रदेश के विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होना था। उसने कहा, “मैं, मेरा बेटा राज, उसका दोस्त मोनू सिंह, एक ड्राइवर और एक फोटोग्राफर समेत पांच लोग एक ही गाड़ी से लखनऊ गए थे।”

जामवंती ने दावा किया कि शादी में शामिल होने के बाद वे सभी एक दरगाह पर मत्था टेकने के लिए आठ मई को आंबेडकरनगर गए और रात वहीं होटल में गुजारी। उसने कहा, “नौ मई की सुबह दरगाह पर मत्था टेकने के बाद हम अयोध्या के लिए रवाना हुए। इस दौरान हम रास्ते में खाने के लिए सड़क किनारे एक ढाबे पर रुके। जैसे ही हम अपनी गाड़ी से निकलने वाले थे, पुलिस की टीम ने हमें रोक लिया और मुझे तथा मेरे बेटे को अपने साथ थाने ले गई, जहां हमें अलग-अलग बैरक में रखा गया।”

जामवंती के अनुसार, “10 मई की दोपहर पुलिस ने मुझे राज से मिलने की इजाजत दी। पुलिस ने मुझे बताया कि राज को विमान से कोलकाता ले जाया जा रहा है।”

जामवंती ने दावा किया कि राज कभी कोलकाता नहीं गया और उसके पास छह मई को बलिया में बेटे की मौजूदगी साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज हैं।

उसने कहा, “राज छह मई को बलिया में था। वह कई जगहों पर खरीदारी करने गया था, जिसे साबित करने के लिए हमारे घर, दुकानों और एक जिम के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। कोलकाता में हमारा कोई रिश्तेदार नहीं है और राज कभी वहां नहीं गया, यहां तक कि घूमने के लिए भी नहीं।”

जामवंती ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए कहा, “निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मेरे बेटे को न्याय मिलना चाहिए।” उसने कहा कि राज पहले क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष के रूप में काम कर चुका है और वर्तमान में संगठन का प्रदेश महासचिव है।

इस बीच, जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) के प्रभारी विपिन सिंह ने कहा कि राज को पहले बलिया में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर 2020 की रात को बलिया कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर इलाके में अजीत नाम के एक दिव्यांग अंडा विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

सिंह के मुताबिक, अजीत की हत्या के मामले में पुलिस ने राज और उसके साथी गोविंदा सिंह को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए थे।

बलिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह ने कहा कि बंगाल पुलिस ने राज की गिरफ्तारी के सिलसिले में बलिया पुलिस के साथ कोई जानकारी साझा नहीं की है।

रथ की छह मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद राज्य में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

कोलकाता पुलिस ने रथ की हत्या के सिलसिले में उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

भाषा

सं आनन्द पारुल

पारुल


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