उप्र: गोरखपुर में साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चलाने के आरोप में बीएससी का छात्र समेत दो लोग गिरफ्तार

उप्र: गोरखपुर में साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चलाने के आरोप में बीएससी का छात्र समेत दो लोग गिरफ्तार

उप्र: गोरखपुर में साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चलाने के आरोप में बीएससी का छात्र समेत दो लोग गिरफ्तार
Modified Date: July 14, 2026 / 07:34 pm IST
Published Date: July 14, 2026 7:34 pm IST

गोरखपुर, 14 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने मंगलवार को फर्जी लोन ऐप के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देने के आरोप में बीएससी के एक छात्र और आईटीआई उत्तीर्ण एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) छत्रपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र मंजीत कुमार (22) और 12वीं कक्षा एवं आईटीआई उत्तीर्ण विजय विश्वकर्मा (23) के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि मंजीत ने सोशल मीडिया पर फर्जी पेज और लोन ऐप कथित तौर पर तैयार किए, जिनके माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था।

अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों से पंजीकरण, प्रोसेसिंग और बीमा शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने राशि प्राप्त करने के बाद न तो ऋण स्वीकृत किया और न ही पीड़ितों के पैसे लौटाए।

पूछताछ में विजय इस गिरोह की एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया।

पुलिस ने बताया कि विजय 10 प्रतिशत कमीशन के बदले रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के नाम पर बैंक खाते कथित तौर पर खुलवाता था।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा करने के लिए ऐसे सैकड़ों बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था और इसके बाद एटीएम के माध्यम से रकम निकालकर गिरोह के सदस्यों में बांट दी जाती थी।

अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन के कारण इनमें से कई बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगा दी गयी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और नकदी बरामद की है।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में