अमरोहा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दो कर्मी गिरफ्तार

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अमरोहा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दो कर्मी गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 12:40 AM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 12:40 AM IST

अमरोहा, 23 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक फार्महाउस में हरियाणा निवासी एक महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उत्तर प्रदेश के दो पुलिसकर्मियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, कथित घटना अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में हुई। इस मामले में हसनपुर थाने में तैनात एक उप निरीक्षक और एक हेड कांस्टेबल तथा सीआरपीएफ के एक उप निरीक्षक और एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) लखन सिंह यादव के अनुसार, हरियाणा के फतेहाबाद निवासी करीब 24 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि 20 सितंबर को उसकी एक महिला परिचित ने उससे संपर्क किया था और अमरोहा में धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए उसे सीआरपीएफ निरीक्षक मोहित से मिलने को कहा था। मोहित मुजफ्फरनगर जिले के सौरंग गांव का निवासी है।

उन्होंने बताया कि महिला ने 21 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत में मोहित से मुलाकात की। वहां से दोनों मेरठ गए, जहां मोहित का सहयोगी सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल लालाराम यादव भी उनके साथ शामिल हो गया। लालाराम राजस्थान के अलवर का रहने वाला है।

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की शाम दोनों लोग महिला को कार से अमरोहा के हसनपुर ले गए और रास्ते में उप निरीक्षक संजय तोमर को भी साथ ले लिया। आरोप है कि तीनों उसे अतरासी-हसनपुर मार्ग स्थित एक फार्महाउस पर ले गए, जहां उन्होंने दो कमरे किराये पर लिए।

शिकायत के अनुसार, पुलिस हेड कांस्टेबल प्रमोद ने समूह के लिए खाना और शराब की व्यवस्था की।

आरोप है कि बाद में शाम को मोहित, लालाराम और तोमर ने बारी-बारी से महिला से दुष्कर्म किया। इसके बाद प्रमोद कमरे में आया और दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन महिला ने उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और दरवाजा बंद कर पुलिस हेल्पलाइन नंबर ऑनलाइन तलाश किया।

पुलिस के अनुसार, महिला ने बुधवार सुबह करीब छह बजे पुलिस से संपर्क किया।

हसनपुर और रजबपुर थाने की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं, महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

एसपी ने बताया, ‘‘पीड़िता की शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण या बहला-फुसलाकर ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’’

उन्होंने बताया कि स्थानीय उप निरीक्षक के निलंबन के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, सीआरपीएफ के दोनों कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।

हसनपुर कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह ने बताया कि जिस फार्महाउस में कथित घटना हुई, वह उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक का बताया जा रहा है। पुलिस ने संपत्ति के प्रबंधक से पूछताछ की है और मामले की जांच जारी है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि जब शासन अपराध पर आधारित होता है तो पुलिस बल भी भ्रष्ट हो जाता है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने अमरोहा में महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना पुलिस बल पर ‘‘एक कलंक’’ है, जिसे किसी भी संरक्षण से नहीं मिटाया जा सकता।

उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भाषा

सं, सलीम रवि कांत