लखनऊ, 18 अगस्त (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में अपने ‘जेन-जेड राइजिंग’ अभियान की शुरुआत की और राज्यव्यापी ‘जेन-जेड महाजुटान यात्रा’ की घोषणा की।
संगठन ने कहा कि वह शिक्षा, परीक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े छात्र एवं युवा आंदोलनों को एक मंच पर लाने का प्रयास करेगा। आइसा महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और युवा आंदोलनों तक पहुंचना तथा उनकी स्थानीय मांगों को व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है।
कुमार ने कहा कि पिछले दो महीनों में राज्यभर में हुए विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला विद्यार्थियों और युवाओं के सामने मौजूद व्यापक संकट को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि कथित प्रश्न पत्र लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में 12 जून को लखनऊ के ईको गार्डन और 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, सहारनपुर समेत कई जिलों में प्रदर्शन हुए।
कुमार ने बताया कि 31 जुलाई को विद्यार्थियों ने फीस वृद्धि के खिलाफ, छात्र संघ चुनाव बहाल करने और छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का विरोध करते हुए लखनऊ में प्रदर्शन किया।
वहीं, अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एससी/एसटी छात्रों ने प्रवेश व्यवस्था की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की मांग को लेकर नौ अगस्त को ईको गार्डन में प्रदर्शन किया।
कुमार ने केजीएमयू के इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड को लेकर 10 अगस्त को हुए प्रदर्शन और लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा 56 दिनों के विरोध के बाद तीन विद्यार्थियों का निष्कासन रद्द किए जाने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ये अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं। ये इस पीढ़ी के सामने मौजूद बड़े संकट की अलग-अलग अभिव्यक्तियां हैं।’’
कुमार ने बताया कि यात्रा नौ सितंबर को इलाहाबाद में ‘महाजुटान’ के साथ शुरू होगी और 10 सितंबर को रायबरेली, 12 सितंबर को बनारस, 13 सितंबर को आजमगढ़, 14 सितंबर को गोरखपुर, 15 सितंबर को फैजाबाद, 17 सितंबर को लखनऊ और 18 सितंबर को मेरठ पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पड़ाव पर विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद कर स्थानीय मुद्दों को राज्यव्यापी आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन ‘‘अंत नहीं, बल्कि व्यापक छात्र-युवा उभार की शुरुआत’’ था और ‘जेन-जेड महाजुटान यात्रा’ इस गति को पूरे उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
भाषा जफर जितेंद्र
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