उप्र: जमीन विवाद में भाई-भाभी पर लगाया धर्म परिवर्तन का आरोप, पंचायत में पहनायी जूते की माला

उप्र: जमीन विवाद में भाई-भाभी पर लगाया धर्म परिवर्तन का आरोप, पंचायत में पहनायी जूते की माला

उप्र: जमीन विवाद में भाई-भाभी पर लगाया धर्म परिवर्तन का आरोप, पंचायत में पहनायी जूते की माला
Modified Date: April 21, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: April 21, 2026 10:13 pm IST

हाथरस, 21 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दंपति पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए पंचायत में उन्हें जूते की माला पहनाने का मामला सामने आया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मुरसान थानाक्षेत्र के गारवगढ़ी गांव में दंपति को जूते की माला पहनाए जाने का वीडियो वायरल हुआ है।

इस मामले में परिवार के मुखिया शिवराम का कहना है कि उनके बेटे-बहू ने ईसाई धर्म अपना लिया है, जिसके कारण उन्हें इस तरह का व्यवहार सहना पड़ा। पुलिस ने बताया कि बलराम नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी रानी और 13 साल के बेटे ललित के साथ आगरा में रहकर झूला चलाने का काम करता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि होली के त्यौहार पर वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ गांव आया था और तब से गांव में रह रहा था।

लोगों ने आरोप लगाया कि बलराम ने इस बार गांव में आने के बाद ‘राम-राम बोलना’ और ‘भोग प्रसाद’ खाना छोड़ दिया था, जिसको लेकर उसका अपने पिता शिवराम और भाई ताराचंद से विवाद हुआ था।

पुलिस के मुताबिक, बलराम के भाई ताराचंद का अपने भाई से घरेलू जमीन को लेकर विवाद था और उसने अपने भाई के धर्म परिवर्तन की अफवाह फैलाई थी।

पुलिस ने बताया कि इस अफवाह के कारण पंचायत में शिवराम और ताराचंद ने बलराम का पारिवारिक और सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

पुलिस के मुताबिक, पंचायत के दौरान जब बलराम की पत्नी रानी अपने पति के पक्ष में बीच-बचाव करने आईं, तो परिवार के लोगों ने पति-पत्नी दोनों को जूते-चप्पल की माला पहनाई।

पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित पाठक ने बताया कि बलराम के भाई ताराचंद के साथ भूमि को लेकर विवाद था और उसने अपने भाई के धर्म परिवर्तन की झूठी अफवाह फैलाई थी।

पाठक ने बताया कि धर्म परिवर्तन के आरोप सही नहीं पाए गए हैं और इस मामले में ताराचंद के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

बलराम ने भी स्पष्ट किया कि उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया है।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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