लखनऊ, आठ अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार, व्यावसायिक शिक्षा तथा उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई पहल करने जा रही है।
इस पहल के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के युवा अधिकारी हर माह इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों से संवाद करेंगे तथा उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन देंगे। शनिवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
मंडलायुक्तों को कार्यक्रम की समय-समय पर समीक्षा करने तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों को संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
मुख्य सचिव की ओर से जिलाधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार, प्रत्येक जिले में तैनात युवा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का दौरा करेंगे।
इन संवाद कार्यक्रमों में प्रश्नोत्तर और सहभागितापूर्ण चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी।
विद्यार्थी अधिकारियों से भविष्य, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।
अधिकारियों के अनुभव और जीवन संघर्ष विद्यार्थियों को प्रेरित करने का काम करेंगे।
कार्यक्रमों में लक्ष्य निर्धारण, करियर नियोजन, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और आत्मानुशासन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एनडीए, जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की युवा-केंद्रित योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
वित्तीय एवं संचार कौशल, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
जिलाधिकारी हर माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे।
जिलों को आयोजित कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण अगले माह की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र