उप्र में बारिश से प्रभावित किसानों की मदद करें अधिकारी : योगी आदित्यनाथ

उप्र में बारिश से प्रभावित किसानों की मदद करें अधिकारी : योगी आदित्यनाथ

उप्र में बारिश से प्रभावित किसानों की मदद करें अधिकारी : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: April 4, 2026 / 10:47 pm IST
Published Date: April 4, 2026 10:47 pm IST

लखनऊ, चार अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार हो रही बारिश से प्रभावित किसानों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिलों में हुई असमय बारिश से किसानों को हो रही परेशानी पर जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।

उन्होंने कहा कि हर हाल में आपदा का प्रभाव किसानों पर न्यूनतम रखा जाए। जनहानि, पशुहानि तथा घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि बारिश से नष्ट हुई फसलों का वास्तविक आकलन कर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए।

उन्होंने राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त सर्वेक्षण कर तत्काल रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जा रहा है। सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर स्थिति का जायजा लेने और समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को भी निर्देशित किया कि वे अधिकारियों से सीधे संपर्क में रहें और समन्वय बनाए रखें, ताकि राहत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।

उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फसल क्षति की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है और जिनकी कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल को नुकसान हुआ है, वह 14 दिनों तक बीमा के दायरे में रहेगी। ऐसे किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

भाषा

आनन्द रवि कांत


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