लखनऊ, 18 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त न करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत सतत कार्रवाई करते हुए पिछले नौ वर्षों में 289 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर किया है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, इस अवधि में पुलिस के साथ मुठभेड़ की कुल 17,043 घटनाएं हुईं, जिनमें 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें बताया गया है कि इन मुठभेड़ में कुल 11,834 अपराधी घायल हुए। इस दौरान अपराधियों से मोर्चा लेते वक्त 18 पुलिसकर्मी शहीद और 1,852 पुलिसकर्मी घायल हुए।
बयान में कहा गया है कि मुठभेड़ की सबसे अधिक 4,813 घटनाएं मेरठ ज़ोन में हुईं। इस कार्रवाई में 8,921 अपराधी दबोचे गये और 3,513 अपराधी घायल हुए, जबकि 97 कुख्यात अपराधी मौके पर ही मारे गये।
बयान के अनुसार, मेरठ जोन में हुई मुठभेड़ के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये।
इसी तरह, वाराणसी जोन में मुठभेड़ की 1,292 घटनाएं हुईं, जिनमें 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 29 अपराधी ढेर कर दिये गये। इस दौरान 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए।
बयान के मुताबिक, आगरा जोन में मुठभेड़ की 2,494 घटनाएं हुईं, जिनमें 5,845 अपराधी दबोचे गये। इस दौरान 968 अपराधी घायल हुए, जबकि 24 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 62 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
मुठभेड़ के आंकड़ों पर नजर डालें तो बरेली ज़ोन में 2,222 मुठभेड़ के दौरान 21 दुर्दांत अपराधी ढेर हुए, जबकि लखनऊ ज़ोन में 971 मुठभेड़ के दौरान 20 अपराधी मारे गए। गाजियाबाद कमिश्नरी में 7,89 मुठभेड़ में 18 अपराधी मारे गये।
बयान के मुताबिक, कानपुर जोन में 791 मुठभेड़ में 12, लखनऊ कमिश्नरी में 147 मुठभेड़ में 12 तथा प्रयागराज जोन में 643 मुठभेड़ में 11 अपराधियों को ढेर किया गया। इसी तरह आगरा कमिश्नरी में 489 मुठभेड़ में 10, गौतमबुद्ध नगर में 1,144 मुठभेड़ में नौ, गोरखपुर जोन में 699 मुठभेड़ में आठ, वाराणसी कमिश्नरी में 146 मुठभेड़ में आठ, प्रयागराज कमिश्नरी में 150 मुठभेड़ में छह और कानपुर कमिश्नरी में 253 मुठभेड़ों में चार अपराधियों को ढेर किया गया।
भाषा आनन्द सुरेश
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