Yogi Cabinet Ke Faisle: इन जगहों पर OBC आरक्षण के लिए बनेगा आयोग, योगी सरकार ने दी मंजूरी, इन 12 प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

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Yogi Cabinet Ke Faisle: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी।

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  • Publish Date - May 18, 2026 / 04:14 PM IST,
    Updated On - May 18, 2026 / 04:19 PM IST

Yogi Cabinet Ke Faisle/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक।
  • योगी कैबिनेट की बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।
  • योगी कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई।

Yogi Cabinet Ke Faisle: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के त्रिस्तरीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के निर्धारण के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी गई। यह आयोग पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण प्रदान करने हेतु उनके सामाजिक और राजनीतिक पिछड़ेपन की समकालीन एवं अनुभवजन्य जांच करेगा। कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए और सभी को स्वीकृत कर लिया गया।

कैबिनेट की बैठक में इन फैसलों को दी गई मंजूरी

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण प्रदान करने के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी है। (Yogi Cabinet Ke Faisle) आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की स्थिति, उनकी जनसंख्या, सामाजिक प्रतिनिधित्व और पंचायतों में भागीदारी का समकालीन एवं अनुभवजन्य अध्ययन करेगा तथा निकायवार आनुपातिक आरक्षण निर्धारित करने के लिए अपनी संस्तुतियां देगा।

आगामी पंचायत चुनावों में लागू की जाएगी आरक्षण व्यवस्था

Yogi Cabinet Ke Faisle:  वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 तथा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था लागू है। पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा और यदि जनसंख्या के अद्यतन आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो सर्वेक्षण के माध्यम से आंकड़े निर्धारित किए जा सकेंगे। आयोग के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है तथा आयोग का कार्यकाल सामान्य रूप से छह माह का होगा। (Yogi Cabinet Ke Faisle)  आयोग प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय करने के उद्देश्य से आंकड़ों का अध्ययन करेगा और निकायवार आनुपातिक आरक्षण की संस्तुति देगा। इसके आधार पर आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार आयोग में कुल पांच सदस्य होंगे, जिन्हें राज्य सरकार नामित करेगी। इनमें एक सदस्य उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे, जिन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया जाएगा। आयोग में ऐसे व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें पिछड़े वर्गों से जुड़े मामलों का ज्ञान व अनुभव हो।

सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 243-घ तथा संबंधित अधिनियमों की धाराओं के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए पंचायतों में आरक्षण का प्रावधान है। पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। (Yogi Cabinet Ke Faisle)  आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में आरक्षण का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।

पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ा

Yogi Cabinet Ke Faisle:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में अध्ययनरत पशु चिकित्सा के छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते को 4,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के पशु चिकित्सा छात्रों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।

दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विशाल जनसंख्या, बड़ी पशुधन संख्या और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र वाला राज्य है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, विभिन्न पशु महामारियों के नियंत्रण और उन्मूलन तथा उन्नत नस्लों के संवर्धन में पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। (Yogi Cabinet Ke Faisle)  कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी तथा सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी में अध्ययनरत पशु चिकित्सा छात्रों को अब बढ़ा हुआ इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा।

छात्रों को मिलेगा इतना इंटर्नशिप भत्ता

Yogi Cabinet Ke Faisle: सरकार के अनुसार वर्तमान में इन छात्रों को 4,000 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इस निर्णय से तीनों विश्वविद्यालयों में अनुमोदित 300 छात्रों को लाभ मिलेगा। पशुपालन मंत्री ने कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में अधिक इंटर्नशिप भत्ता दिए जाने का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। (Yogi Cabinet Ke Faisle)  प्रस्ताव लागू होने पर सरकार पर लगभग 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा, जिसकी व्यवस्था विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले शासकीय अनुदान के गैर-वेतन मद से की जाएगी। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, शिक्षा के प्रति रुचि और कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा तथा समानता के सिद्धांत को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसे “समानता के सिद्धांत” के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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