उप्र : ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के विरोध में हंगामा और तोड़फोड़ करने के आरोप में 19 लोग गिरफ्तार
उप्र : 'फरसा वाले बाबा' की मौत के विरोध में हंगामा और तोड़फोड़ करने के आरोप में 19 लोग गिरफ्तार
मथुरा, 22 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार की रात ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से विख्यात गौसेवक बाबा चंद्रशेखर दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हंगामा करने और रास्ता जाम करने के आरोप में पुलिस ने एक शातिर अपराधी समेत 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार की सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब मथुरा के तीन दिवसीय दौरे के बीच गोवर्धन में दर्शन-पूजन व परिक्रमा कर रही थीं, तभी बड़ी संख्या में बाबा चंद्रशेखर के समर्थक एवं शिष्य दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्र हो गये और रास्ता जाम कर हंगामा किया था।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने न केवल अनावश्यक तौर पर राजमार्ग जाम किया, बल्कि पुलिस जब उन्हें वहां से हटाने पहुंची तो उन्होंने पथराव कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गये और करीब 25 अन्य लोगों को भी चोटें आयीं।
सूत्रों के मुताबिक उपद्रवियों ने पुलिस चौकी और सरकारी गाड़ियों पर भी पथराव करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में शनिवार देर शाम तक आरोपी दक्ष चौधरी व उसके साथियों के खिलाफ कोसीकलां थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया और चौधरी तथा उसके 18 अन्य साथियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि चौधरी गाजियाबाद का शातिर अपराधी है जिस पर प्रदर्शन की आड़ में सरकारी और निजी गाड़ियों पर हमले, लूट, तोड़फोड़ करने के आरोप हैं।
सूत्रों ने बताया कि शनिवार को हिरासत में लिए गए अभियुक्तों का रविवार को मेडिकल परीक्षण कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष उन्हें पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि इनमें बाबा के करीबी चेले भूरा व उसके साथियों के साथ गाजियाबाद के शातिर अभियुक्त दक्ष चौधरी और उसके साथी भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि बाबा के शिष्य हंगामा कर कथित गोकशों पर गोभक्त चंद्रशेखर दास (57) की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक यह हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना है और जिस ट्रक की चपेट में आकर बाबा की मौत हुई है, उसके चालक की भी मृत्यु हो गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि बाबा के शिष्यों द्वारा पोस्टमॉर्टम न कराए जाने की मांग पर शनिवार को ही पुलिस की मौजूदगी में विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश ने लोगों को आश्वासन दिया है कि अजनौंख स्थित गौशाला में बाबा की स्मृति में समाधि स्थल बनाया जाएगा और सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी।
गौशाला की करीब 400 गायों के पालन-पोषण के सवाल पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि उन गायों के चारे-पानी आदि की व्यवस्था फिलहाल प्रशासन करेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दे दिए हैं।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

Facebook


