शामली (उप्र), 25 जुलाई (भाषा) शामली जिले की एक अदालत ने शादी का झांसा देकर दवा कारोबारी का कथित रूप से जबरन धर्मांतरण कराने के मामले में गिरफ्तार चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को जमानत दे दी है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंदर प्रीत सिंह जोश ने शुक्रवार को दोनों की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर लीं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मेहरबान कुरैशी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और चांदनी कुरैशी तथा उसके पिता को गिरफ्तार किया था।
उसने बताया कि यह कार्रवाई देवराज मलिक की शिकायत पर की गई, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे आयुष मलिक का जून में चांदनी कुरैशी से विवाह कराने का झांसा देकर उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि कथित धर्मांतरण उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश का हिस्सा था।
देवराज मलिक ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे को दिल्ली ले जाया गया, जहां कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के आधार पर निकाह कराया गया।
जमानत का यह आदेश उस फैसले के एक महीने से अधिक समय बाद आया है, जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह कहते हुए चांदनी कुरैशी और इस्लाम कुरैशी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं कि उन्हें जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता।
पुलिस ने एक मौलवी सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और सात जून को चांदनी कुरैशी तथा उसके पिता को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
भाषा सं जफर खारी
खारी