उप्र: सर्राफा कारोबारी को हिरासत में लेकर वसूली करने के आरोप में चार पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: सर्राफा कारोबारी को हिरासत में लेकर वसूली करने के आरोप में चार पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: सर्राफा कारोबारी को हिरासत में लेकर वसूली करने के आरोप में चार पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: September 6, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: September 6, 2026 8:17 pm IST

शाहजहांपुर, छह सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक सर्राफा कारोबारी को कथित रूप से हिरासत में रखकर झूठा मामला दर्ज करने और उससे दो लाख रुपये वसूलने के मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी दो सिपाहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) सौरभ दीक्षित ने जलालाबाद थाने में दर्ज प्राथमिकी के हवाले से बताया कि तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र दो मोटरसाइकिलों से जलालाबाद पहुंचे थे।

अधिकारी ने बताया कि इन पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार रात फोन कर सर्राफा कारोबारी सुंदरम से आभूषण गिरवी रखने की बात कही।

उन्होंने बताया कि सुंदरम ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनका प्रतिष्ठान कस्बे में है और वह दुकान बंद करके जलालाबाद आ चुके हैं।

अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जब सुंदरम सरिया मोड़ पर पहुंचे तो वहां मौजूद चारों सिपाहियों ने उन्हें पड़ोस के गांव चलने के लिए कहा।

दीक्षित के अनुसार, पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसकी मोटरसाइकिल में कुछ सामान रख दिया गया और उसे तिलहर थाना क्षेत्र की बिरियागंज चौकी ले जाया गया।

उन्होंने बताया कि वहां उस पर मादक पदार्थ रखने का आरोप लगाते हुए तीन लाख रुपये की मांग की गई।

दीक्षित ने बताया कि पीड़ित के अनुसार, शुक्रवार रात उसके पिता दो लाख रुपये लेकर बिरियागंज चौकी पहुंचे, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

उन्होंने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर जलालाबाद थाने में चारों सिपाहियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि सिपाही पंकज और वीरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि अन्य दोनों पुलिसकर्मियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले में एक बाहरी व्यक्ति के भी शामिल होने की बात सामने आई है, जो कथित तौर पर इस घटनाक्रम का साजिशकर्ता है।

उन्होंने बताया कि बाहरी व्यक्ति की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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