पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी ,पैकेजिंग,मार्केटिंग से जोड़ेगी उत्तर प्रदेश सरकार:योगी

पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी ,पैकेजिंग,मार्केटिंग से जोड़ेगी उत्तर प्रदेश सरकार:योगी

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 10:39 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 10:39 PM IST

लखनऊ, 16 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।

‘ब्रांड उप्र’ को सशक्त बनाने में एक जनपद-एक उत्पाद योजना की बड़ी भूमिका के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक व्यंजनों को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है।

एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्ज़ी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आज़मगढ़ का सफ़ेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें।

भाषा जफर राजकुमार

राजकुमार