उत्तर प्रदेश अब माफिया, गुंडागर्दी और अराजकता से मुक्त हो चुका है: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश अब माफिया, गुंडागर्दी और अराजकता से मुक्त हो चुका है: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश अब माफिया, गुंडागर्दी और अराजकता से मुक्त हो चुका है: योगी आदित्यनाथ
Modified Date: June 22, 2026 / 06:22 pm IST
Published Date: June 22, 2026 6:22 pm IST

फिरोजाबाद (उप्र), 22 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रदेश अब माफिया, गुंडागर्दी और अराजकता से मुक्त हो चुका है और आज उत्तर प्रदेश में “नो कर्फ्यू, नो दंगा” की स्थिति है और जब सब कुछ अच्छा होता है तो उपद्रव नहीं, बल्कि उत्सव होते हैं।

मुख्यमंत्री फिरोजाबाद में 658 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 81 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” और “एक जिला, एक उत्पाद” जैसी योजनाएं दे रही है, जबकि समाजवादी पार्टी के शासन में “एक जिला, एक माफिया” की स्थिति थी।

योगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में माफिया तत्व सरकारी भूमि पर कब्जा करने, अराजकता फैलाने और प्रदेश को नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों का विरोध करती थी तथा आम लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, बसपा (बहुजन समाज पार्टी) और सपा (समाजवादी पार्टी)पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दल अंधेरे में रहने के आदी थे, क्योंकि उस समय भ्रष्टाचार और लूटपाट को बढ़ावा मिलता था।

उन्होंने कहा कि यही कारण था कि वे प्रदेश में बिजली व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के एजेंडे में विकास शामिल नहीं है। उनके अनुसार, समाज को बांटना, सामाजिक एकता को कमजोर करना, गुंडागर्दी को बढ़ावा देना, गरीबों के हितों की अनदेखी करना और विकास कार्यों में बाधा डालना उनकी राजनीति का हिस्सा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा शासन में प्रत्येक जिले में एक प्रभावशाली माफिया सक्रिय रहता था, जो गरीबों की जमीनों पर कब्जा करता था, व्यापारियों से अवैध वसूली करता था और भय तथा अराजकता का माहौल बनाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है, लेकिन इसका वास्तविक श्रेय प्रदेश की जनता को जाता है। उन्होंने कहा कि जब जनता सही निर्णय लेकर मतदान करती है तो उसके परिणामस्वरूप विकास और सुशासन मिलता है।

फिरोजाबाद के कांच उद्योग की सराहना करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय त्योहारों के दौरान चीन निर्मित उत्पाद बाजारों में छाए रहते थे, लेकिन अब यहां के कारीगर आधुनिक तकनीक और अपने कौशल के बल पर राम दरबार, राधा-कृष्ण और भगवान शिव की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं, जिन्हें देशभर में सराहना मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रतिभा पहले भी मौजूद थी, लेकिन वर्ष 2017 से पहले उसे उचित मंच और प्रोत्साहन नहीं मिल पाया था। वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण उद्योग क्षेत्र ने नई गति प्राप्त की है।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रतिमाएं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थापित की गई हैं।

उन्होंने अहिल्याबाई को भारतीय विरासत और धार्मिक पुनर्जागरण की प्रेरणा बताया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म की चर्चा होने पर फिरोजाबाद की पहचान भी प्रमुखता से सामने आती है और सुहागनगरी इस दिशा में नई ऊंचाइयों को छू रही है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने बाबा नीम करोली की जन्मस्थली पर नागरिकों को विकास परियोजनाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके पीछे हमारे विधायकों की मेहनत है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि शिकोहाबाद के विधायक भी हमारी तरह काम करते तो यह संख्या बढ़ सकती थी।

उन्‍होंने विकास योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि विकास से फिरोजाबाद की यात्रा ‘लोकल से ग्लोबल’ बनती है। यहां का कांच उद्योग नवाचार का नया केंद्र बना है और इसने चीन को पीछे कर दिया है।

उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष को ओडीओपी (एक जिला-एक उत्‍पाद) का उपहार देते हैं तो इससे उत्तर प्रदेश भी गौरवान्वित होता है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि यहां की विकास परियोजनाएं बताती हैं कि विधायकों ने मेहनत की। विधायक मनीष असीजा और प्रेमपाल धनगर व अन्य जनप्रतिनिधियों को विकास में रुचि के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे, मजबूत कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के कारण उत्तर प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 23 करोड़ पर्यटक आते थे, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्ष दिसंबर तक यह संख्या बढ़कर 166 करोड़ तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।

भाषा आनन्‍द धीरज

धीरज


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