बरेली (उप्र), दो मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली रेलवे पटरी पर 35 वर्षीय मौलवी का शव मिला है। मृतक मौलवी के परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि उन्हें ट्रेन से फेंका गया था, हालांकि पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बरेली के पुलिस अधीक्षक (शहर) मानुष पारीक ने बताया कि शव 27 अप्रैल की सुबह कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत लाल फाटक के पास रेलवे पटरी के किनारे मिला था।
उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के रूप में हुई है जो बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह ट्रेन से गिर गए थे।
पुलिस ने तुरंत मौलाना के परिवार के सदस्यों के साथ-साथ बरेली में धार्मिक नेताओं से संपर्क किया, जिससे पता चला कि मौलाना 24 और 25 अप्रैल को बरेली में आयोजित ‘उर्स-ए-ताजश्शरिया’ कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।
पुलिस ने बताया कि मौलाना के परिवार के सदस्यों से कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है और यह पता लगाया जा रहा है कि इसमें मारपीट या लूटपाट का कोई पहलू था या नहीं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने कहा कि अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आयी है। रिपोर्ट आने के बाद घटना का सही कारण पता चल सकेगा।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आरोप लगाया कि घर लौटते समय ट्रेन में ‘‘असामाजिक तत्वों’’ ने मौलवी पर हमला किया और लूटपाट के प्रयास के दौरान उन्हें ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि हमले के दौरान मौलाना तौसीफ ने अपनी पत्नी तबस्सुम खातून को फोन किया और घटना के बारे में जानकारी दी थी।
रजवी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी।
भाषा सं जफर सुरभि
सुरभि