उत्तर प्रदेश पुलिस 2017 से पहले संकट में थी, अब देश का बेहतरीन पुलिस बल: योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश पुलिस 2017 से पहले संकट में थी, अब देश का बेहतरीन पुलिस बल: योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 07:09 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 07:09 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

लखनऊ, 26 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि 2017 से पहले जो पुलिस स्वयं संकट में थी, वह अब देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सत्ता के सामने माफिया का राज नहीं चलता।

यहां रिजर्व पुलिस लाइंस में 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘अब उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होते, गुंडा टैक्स और वसूली खत्म हो गई है। अपराधियों के मन में भय है और पुलिस का मनोबल ऊंचा है।’’

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, ‘‘पहले न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। उत्तर प्रदेश अस्थिरता और अराजकता का पर्याय था। राज्य में 2017 से पहले जहां दंगे होते थे, वहीं आज पुलिस दंगे होने से पहले ही उन्हें रोकने में सफल है।’’

नये आरक्षियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कानून अपराधी के प्रति जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए।’’

उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान के साथ आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री ने दीक्षांत परेड में शामिल महिला पुलिसकर्मियों को विशेष बधाई दी।

उन्होंने कहा, ‘‘बेटियों ने मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण पूरा किया, यह सराहनीय है।’’

योगी ने बताया कि 15 जून 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60 हजार से अधिक आरक्षियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे तथा 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ।

उन्होंने कहा कि पहले पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3000 थी, लेकिन अब एक साथ 60 हजार से अधिक आरक्षियों को प्रशिक्षित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में दो लाख 18 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती और एक लाख से अधिक को प्रोन्नति दी गई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस का बजट 2017 की तुलना में तीन गुना बढ़ाया गया है तथा सात पुलिस आयुक्तालय स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश एटीएस को एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) के मानक के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 75 जिलों में साइबर थाने और फोरेंसिक लैब स्थापित की गई हैं। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस भर्ती में 20 प्रतिशत बेटियों को शामिल किया गया है।’’

योगी ने कहा, ‘‘प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी। पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है।’’

समारोह में मुख्यमंत्री ने आरक्षियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण और पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

डीजीपी ने बताया कि 2025 बैच में देश में पहली बार 60,244 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है, जिसमें 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक दीक्षांत परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार पाकर आरक्षियों का हौसला भी बढ़ा।

महिला आरक्षी नेहा यादव को तीन, सोनम को दो एवं रिया सिंह कुशवाहा को एक पुरस्कार प्रदान किया गया।

पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। डीजीपी ने दीक्षांत परेड में आरक्षियों को शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद चयनित महिला आरक्षियों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और सरकार की नीतियों की सराहना की।

भाषा आनन्द राजकुमार

राजकुमार