लखनऊ, 28 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए एक अक्टूबर से 10 नवंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी।
बयान के मुताबिक, ग्रामीणों को सड़कों की स्थिति से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए ‘जल सारथी’ ऐप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
बयान में बताया गया कि इसके माध्यम से वे मौके की तस्वीर और वीडियो अपलोड कर सड़क से संबंधित शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की।
बयान के मुताबिक, सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ-साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिंह ने बताया कि समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है।
भाषा सलीम रवि कांत जितेंद्र
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